सर्वेश कुमार तिवारी
एक सांवली सी लड़की है। देख कर लगता है कि गांव देहात के किसी सामान्य परिवार की ही बेटी होगी। पढ़ने में अच्छी रही होगी, माता पिता के साथ मिल कर सपना देखा होगा कि बड़े हो कर कुछ करना है। उस सपने के पीछे माता पिता भी दौड़े होंगे और यह भी भागी होगी… वर्षों बरस कॉपी किताब में सर खपाया होगा, रोज भोर में उठ कर दौड़ी होगी, घंटों पसीना बहाया होगा। परीक्षा पास की होगी। वर्दी यूं ही तो नहीं मिलती है।
उसके बाद? उसके बाद से सबसे कठिन ड्यूटी में है। दिन रात की ड्यूटी… हर हुड़दंग के समय सबसे आगे खड़े हो कर सब संभालने की ड्यूटी… हर स्थिति में उन्हें बुरा ही बताया जाता है। अगर हुड़दंगी जीत गए, आग वाग लगा दिया तब भी इनका दोष और उन्हें रोकने के लिए धक्का भी दे दिया तब भी वही दोषी… बावजूद उन्हें आगे खड़ा रहना है। दूसरी लड़की के हुड़दंग को रोकना उसकी ड्यूटी है, वह बस अपना काम कर रही है।
यह लड़की बस अपनी कर रही है। संभव है कि वैचारिक रूप से वह भी इन्ही के साथ हो, पर इन्हें रोकना उसकी ड्यूटी है। वह डिपार्टमेंट का आदेश मान कर अपना काम भर कर रही है।
दूसरी तरफ एक दूसरी लड़की है। अच्छे परिवार की है। पढ़ने में भी ठीक ही रही होगी, पर मन पढ़ाई से अधिक राजनीति में रमता है। एक चपरासी की परीक्षा भी पास नहीं कर सकी है, पर देश की समूची व्यवस्था उसे अपनी अंगुलियों पर चाहिए। कल किसी और के इस्तीफे के लिए चिल्ला रही थी, आज किसी और के इस्तीफे के लिए चिल्ला रही है, कल किसी तीसरे के इस्तीफे के लिए चिल्लाएगी… उसे अब इसी काम में मजा आने लगा है। इससे नाम मिलता है, धन मिलता है, प्रसिद्धि मिलती है, और शायद आनंद भी…
आज यह लड़की जिस अधिकारी के इस्तीफे के लिए कूद रही है, वह देश की सबसे कठिन परीक्षा पास कर के आया है, और पूरा जीवन खपाने के बाद वहाँ पहुंचा है। उसका इस्तीफा इसे क्यों चाहिए? क्योंकि इसका मन है। थोड़ा समझदार व्यक्ति भी जानता है कि इनके सारे आरोप फर्जी हैं, उसकी नियुक्ति के पूर्व ही विपक्ष सौ चुनाव हारने का रिकॉर्ड बना चुका था। पर अभी वही टारगेट पर है, उसी के विरुद्ध हल्ला कर के इन्हें अपनी राजनीति चमकानी है।
स्पष्ट है कि एक लड़की कानून तोड़ रही है और दूसरी कानून की रक्षा कर रही है। पर घटना के बाद क्या होगा? संभव है कि राजनीति के दबाव में वह पुलिसकर्मी लड़की दंडित हो जाय, उसकी परेशानियां बढ़ जाएं। वहीं दूसरी लड़की को लाभ ही लाभ है, उसका कद बढ़ेगा, उसका मूल्य बढ़ेगा, उसकी कमाई बढ़ेगी…
सोच कर देखिए तो इन दोनों लड़कियों में किसके जैसा बनना आसान है? वर्षों की मेहनत से परीक्षा पास कर के किसी नौकरी में जाना, या केवल दूसरों पर आरोप लगा कर, गाली दे कर प्रसिद्ध हो जाना? दूसरी वाली के पास प्रसिद्धि भी अधिक है, धन भी अधिक है, और भविष्य भी अधिक चमकदार है। इसके लिए उसे कोई परीक्षा पास करने की जरूरत नहीं, बस आंख मटका कर बोलना सीखना है…
सोच कर देखिए, सारी लड़कियां यही आसान रास्ता ही ढूंढ लें तो आपके तथाकथित महान लोकतंत्र का क्या होगा?
तस्वीर फेसबुक से।
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