दिल्ली मेट्रो का बड़ा फैसला: CJP प्रदर्शन के चलते 45 स्टेशन बंद

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए DMRC ने 45 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद करने का ऐलान किया है।

  • दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए 45 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार पूरी तरह बंद कर दिए हैं।
  • पहले DMRC ने 57 स्टेशनों को पूरी तरह बंद करने की घोषणा की थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कड़ी प्रतिक्रिया दिए जाने के बाद इस फैसले में संशोधन कर बंद स्टेशनों की संख्या घटाकर 45 कर दी गई।
  • नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर, अन्य सभी प्रभावित इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों के लिए ट्रेन बदलने (Interchange) की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 10 अक्तूबर: देश की राजधानी नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रस्तावित विशाल प्रदर्शन ‘जंतर-मंतर 2.0’ को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मध्य दिल्ली में अत्यधिक भीड़ एकत्र होने से रोकने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर शहर के 45 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद करने का आदेश जारी किया है। यह पाबंदी शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बदला DMRC का फैसला

इससे पहले, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कुल 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का कड़ा फैसला लिया था। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने और लाखों आम नागरिकों की आवाजाही को बाधित करने पर जताई गई नाराजगी के बाद DMRC ने अपने आदेश में संशोधन किया। संशोधित आदेश के तहत अब 57 की जगह 45 मेट्रो स्टेशनों पर ही पाबंदियां लागू रहेंगी। नोबेल पुरस्कार विजेताओं, कानूनी जानकारों और अदालत के संज्ञान के बाद प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि आम यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो।

प्रभावित मेट्रो स्टेशनों की सूची और इंटरचेंज की स्थिति

सुरक्षा कारणों से बंद किए गए 45 मेट्रो स्टेशनों में राजीव चौक, नई दिल्ली, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, मंडी हाउस, कश्मीरी गेट, आईटीओ, सुप्रीम कोर्ट, खान मार्केट, हौज खास, दिल्ली गेट और विश्वविद्यालय जैसे सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण ट्रांजिट हब शामिल हैं।

DMRC ने स्पष्ट किया है कि भले ही इन स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार यात्रियों के लिए बंद रहेंगे, लेकिन नेटवर्क के भीतर यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी। ध्यान देने योग्य बात यह है कि केवल नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, बाकी सभी प्रभावित जंक्शनों पर यात्री अपनी लाइन बदल सकते हैं।

प्रदर्शन की मुख्य वजह और भारी सुरक्षा तैनाती

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य छात्र संगठनों तथा किसान निकायों के नेतृत्व में यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तुरंत वापस लेने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूचियों में भारी गड़बड़ी की जा रही है।

इस प्रदर्शन के मद्देनजर पूरी दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। लगभग 23,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF) की टुकड़ियों को भी संवेदनशील इलाकों में उतारा गया है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे ने भी सुरक्षा कारणों से नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन स्टेशनों से चलने वाली कई ट्रेनों को रद्द या रीशेड्यूल किया है।

यात्रियों के लिए सलाह और वैकल्पिक इंतज़ाम

दिल्ली पुलिस और DMRC ने आम नागरिकों तथा यात्रियों को सलाह दी है कि वे लुटियंस दिल्ली और मध्य दिल्ली की ओर यात्रा करने से बचें। जो लोग काम पर निकल रहे हैं, वे प्रभावित स्टेशनों से बाहर के नजदीकी खुले स्टेशनों का इस्तेमाल करें और अंतिम दूरी तय करने के लिए बसों या अन्य सतही परिवहन के साधनों की मदद लें। DMRC ने कहा है कि स्थिति का लगातार पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियों से हरी झंडी मिलने के बाद ही स्टेशनों को सामान्य रूप से खोला जाएगा।

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