दिल्ली मेट्रो में सीट को लेकर विवाद ने ली युवक की जान

  • दिल्ली मेट्रो में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट को लेकर विवाद में 48 वर्षीय पवन शर्मा की मौत।
  • सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके अधिवक्ता बेटे सिद्धार्थ सिंह पर मारपीट का आरोप।
  • मृतक की मां दुर्गा शर्मा की शिकायत पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज।
  • दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर :दिल्ली मेट्रो में बुजुर्गों के लिए आरक्षित सीट को लेकर हुआ मामूली विवाद एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया। 8 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुई इस घटना में 48 वर्षीय पवन शर्मा की कथित मारपीट के बाद मौत हो गई। पुलिस ने मामले में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह (65) और उनके अधिवक्ता बेटे सिद्धार्थ सिंह (36) को गिरफ्तार किया है।

घटना उस समय हुई जब पवन शर्मा अपनी 65 वर्षीय मां दुर्गा शर्मा के साथ मेट्रो से घर लौट रहे थे। मां की शिकायत के अनुसार, सीट खाली करने को लेकर शुरू हुई बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने पवन के साथ मारपीट की। इसके कुछ देर बाद वह बेहोश होकर गिर पड़े और अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मां के साथ घर लौट रहे थे पवन शर्मा

पुलिस के अनुसार, पवन शर्मा अपनी मां के साथ गुरुग्राम से दिल्ली के यमुना विहार स्थित अपने घर लौट रहे थे।

मेट्रो में यात्रा के दौरान वे वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट पर बैठे थे। इसी दौरान संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह ने कथित तौर पर सीट खाली करने को कहा।

दुर्गा शर्मा की शिकायत के अनुसार, पवन ने सीट खाली करने की बात स्वीकार की, लेकिन बातचीत के तरीके पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

थप्पड़ मारने और सीने पर मुक्के बरसाने का आरोप

प्राथमिकी के अनुसार, विवाद बढ़ने पर संजय प्रताप सिंह ने कथित तौर पर पवन शर्मा का कॉलर पकड़कर उन्हें थप्पड़ मारा।

आरोप है कि इसके बाद उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह ने पवन को गर्दन से पकड़कर सीने पर कई मुक्के मारे।

दुर्गा शर्मा ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की, तो उन्हें भी हस्तक्षेप करने से रोका गया।

मारपीट के दौरान पवन अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। अन्य यात्रियों ने शोर मचाया, जिसके बाद मेट्रो कर्मचारियों को घटना की जानकारी मिली।

अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित किया

मेट्रो कर्मचारियों ने घायल पवन शर्मा को एंबुलेंस से लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवाया और घटना की जांच शुरू की।

प्रारंभिक चिकित्सकीय विवरण में चेहरे और सीने पर चोट के निशान दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। मौत का सटीक चिकित्सकीय कारण निर्धारित करने में पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होंगी।

पूर्व IAS अधिकारी और बेटा गिरफ्तार

मृतक की मां की शिकायत पर 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया।

धारा 105 गैर इरादतन हत्या से संबंधित है, जबकि धारा 3(5) साझा मंशा के आधार पर आपराधिक जिम्मेदारी से जुड़ी है।

पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

आरोपी संजय प्रताप सिंह सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं, जबकि उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह सर्वोच्च न्यायालय में वकालत करते हैं। दोनों नोएडा के निवासी बताए गए हैं।

सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

दिल्ली मेट्रो को राष्ट्रीय राजधानी की महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में गिना जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग कार्यालय, शिक्षण संस्थानों और अन्य कार्यों के लिए इसका उपयोग करते हैं।

ऐसे में सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद किसी यात्री की मौत तक पहुंच जाना सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा और विवादों के समय तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य यात्रियों के लिए आरक्षित सीटों को लेकर असहमति की स्थिति में संवाद, संयम और नियमों का पालन आवश्यक है।

फिलहाल पुलिस घटना की परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

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