चक्रवात ‘अर्णव’ से आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, 3 की मौत

बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्णव' ने आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी तट पर दी दस्तक, तटीय इलाकों में उखड़े पेड़ और बिजली के खंभे।

  • चक्रवात अर्णव से आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, 3 लोगों की हुई मौत।
  • 100-130 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवाएं, दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त।
  • एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटीं।

समग्र समाचार सेवा
अमरावती, 28 अक्तूबर: बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ (Cyclone Arnab) ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी (यनम) के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। चक्रवात के तट से टकराने के बाद राज्य के कई तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश और 100 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं ने भारी तबाही फैलाई। चक्रवात से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों कच्चे व पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि चक्रवात ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम, काकीनाडा, पश्चिम गोदावरी, विजयनगरम और कोनासीमा जिलों को सबसे अधिक प्रभावित किया है।

अलग-अलग हादसों में 3 लोगों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त

आपदा राहत अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम गोदावरी जिले के भीमवरम में देर रात तूफानी हवाओं के कारण एक भारी-भरकम पेड़ गिरने से 46 वर्षीय चोक्का किशोर कुमार नाम के व्यक्ति की दबकर मौत हो गई। वहीं, विशाखापट्टनम और अन्य क्षेत्रों में कृषि खेतों और जलभराव वाले रास्तों पर बिजली का तार टूटने से आए करंट (Electrocution) की चपेट में आने से दो अन्य लोगों की दुखद मृत्यु हो गई।

तूफान के कारण सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ गए और 100 से अधिक बिजली के पोल धराशायी हो गए, जिससे कई कस्बों और गांवों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। सड़कों पर पेड़ और मलबे गिरने से यातायात बुरी तरह बाधित हुआ है।

काकीनाडा में उखड़ी तटीय सड़क, विशाखापट्टनम में रिकॉर्ड बारिश

चक्रवात ‘अर्णव’ के कारण समुद्र में कई मीटर ऊंची लहरें उठीं, जिससे काकीनाडा जिले के उप्पाडा (Uppada) तटीय इलाके में बनी मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा पूरी तरह बह गया। तटीय कटाव और ऊंची लहरों के कारण समुद्र का पानी निचले रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर गया है।

विशाखापट्टनम (Vizag) और विजयनगरम जिलों में 24 घंटों के भीतर 20 से 26 सेंटीमीटर तक मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। विशाखापट्टनम शहर में निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया है, जिससे कई कॉलोनियों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया। स्थानीय प्रशासन और ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम (GVMC) की टीमें कटर और भारी मशीनों के जरिए सड़कों से पेड़ हटाकर रास्ते साफ करने में जुटी हैं।

55,000 से अधिक लोग सुरक्षित राहत शिविरों में स्थानांतरित

चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) ने पहले ही बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू कर दिया था। राज्य भर में लगभग 495 से अधिक राहत केंद्र और चक्रवात आश्रय स्थल (Relief Camps) बनाए गए हैं, जहां तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले 55,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है।

एनडीआरएफ (NDRF) की 30 से अधिक टीमें, एसडीआरएफ और आंध्र प्रदेश पुलिस के जवान प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में निरंतर तैनात हैं। राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कमजोर पड़ा चक्रवात, राहत कार्य में तेजी

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यनम और आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के बाद चक्रवात ‘अर्णव’ की तीव्रता में कमी आई है और यह ‘भीषण चक्रवाती तूफान’ से कमजोर होकर ‘गहरे दबाव’ (Deep Depression) में तब्दील हो रहा है। इसके बावजूद, अगले 24 घंटों के दौरान तटीय और उत्तर-पूर्वी जिलों में रुक-रुक कर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर स्थिति का जायजा लिया और निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी और दूरसंचार सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। साथ ही फसलों और संपत्तियों के नुकसान का आकलन करने के भी आदेश दिए गए हैं।

निष्कर्ष

चक्रवात ‘अर्णव’ ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है, लेकिन प्रशासनिक सतर्कता और एनडीआरएफ की समय पर की गई तैनाती से बड़े पैमाने पर जनहानि को रोकने में सफलता मिली है। फिलहाल राज्य प्रशासन का पूरा ध्यान बिजली-सड़क बहाली और पीड़ितों तक सहायता पहुंचाने पर केंद्रित है।

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