रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की मेगा रैली, राहुल का हमला

दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत 20 से अधिक दलों के नेताओं ने की हुंकार।

  • दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी INDIA गठबंधन की विशाल रैली।
  • राहुल गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई।
  • अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा तीखा निशाना।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 01 नवंबर: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) रविवार को विपक्षी दलों के शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक महासंग्राम का गवाह बना। मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) और कथित चुनावी अनियमितताओं व ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में देश भर से आए लाखों लोग और 20 से अधिक राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता शामिल हुए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में निकाले गए इस मार्च और रैली में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, और सीपीआई के डी. राजा सहित तमाम बड़े विपक्षी चेहरे मंच पर एक साथ नजर आए।

राहुल गांधी का कड़ा प्रहार: ‘यह साधारण चोरी नहीं, देशद्रोह है’

विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानलेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम कटवाना और जनता के मताधिकार पर डाका डालना कोई आम अपराध नहीं, बल्कि देशद्रोह के समान है।

राहुल गांधी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में उन पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष देश के संविधान और आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव के तीखे तेवर

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामलीला मैदान को “लोकतंत्र की हल्दीघाटी” करार देते हुए कहा कि सत्ताधारी दल की मनमानी और संस्थाओं के दुरुपयोग के खिलाफ अब जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और एमएलसी चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने दिखा दिया है कि अहंकार और तानाशाही अधिक दिनों तक टिक नहीं सकती।

वहीं, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने महाभारत के प्रसंगों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया और कहा कि जिस तरह महाभारत की शुरुआत एक खेल से हुई थी, आज लोकतंत्र को कमजोर करने वालों के खिलाफ विपक्षी दलों ने एक नया ‘महाभारत’ छेड़ दिया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता वोट चोरी करने वालों को आगामी चुनावों में करारा जवाब देगी।

ममता बनर्जी और अन्य नेताओं का समर्थन

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र को कुचलने के प्रयासों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं और जेन-जी (Gen-Z) के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि विपक्षी एकता देश की दिशा बदलने का माद्दा रखती है।

विपक्षी दलों ने एक सुर में मांग की कि चुनाव आयोग को पूरी तरह निष्पक्षता के साथ कार्य करना चाहिए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। इस महारैली के जरिए विपक्ष ने आगामी राजनीतिक रणनीतियों का भी ऐलान किया और साफ कर दिया कि चुनाव सुधारों के मुद्दे पर उनका आंदोलन पूरे देश में जारी रहेगा।

निष्कर्ष

रामलीला मैदान में आयोजित यह मेगा रैली आगामी राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। तमाम वैचारिक भिन्नताओं को दरकिनार कर विपक्षी दलों का एक मंच पर आना यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ विरोध के सुर और अधिक मुखर होने वाले हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.