नई दिल्ली स्टेशन पर लागू हुई 3 रंगों वाली नई व्यवस्था
रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी खबर: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण के लिए तीन रंगों (लाल, पीले, नीले) वाली अनोखी गेट व्यवस्था लागू, अब टिकट देखकर करें प्रवेश।
- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर तीन रंगों की गेट व्यवस्था लागू।
- ट्रेन पकड़ने से पहले टिकट और गेट का रंग देखना अनिवार्य।
- त्योहारों और भारी भीड़ के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए पहल।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 05 नवंबर: देश के सबसे व्यस्त और प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शुमार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (New Delhi Railway Station) पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया गया है। त्योहारी सीजन, छुट्टियों और रोजाना की अत्यधिक भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने तथा भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाओं से बचने के लिए रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर ‘तीन रंगों वाली विशेष व्यवस्था’ (Three-Color Gate System) की शुरुआत कर दी है।
अब यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पर प्रवेश करने से पहले अपने टिकट के अनुसार निर्धारित रंग के गेट की पहचान करनी होगी। रेलवे के इस नए और अनूठे कदम का उद्देश्य स्टेशन परिसर के भीतर यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाना और प्लेटफॉर्मों पर अनावश्यक भीड़ को रोकना है।
कैसे काम करती है यह नई तीन रंगों की व्यवस्था?
उत्तर रेलवे (Northern Railway) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा jointly तैयार की गई इस नई प्रणाली के तहत नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वारों और होल्डिंग एरिया को मुख्य रूप से तीन रंगों—लाल (Red), पीला (Yellow) और नीला (Blue)—में विभाजित किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन के बाहर बड़े-बड़े रंगीन बोर्ड और साइनएज लगाए गए हैं, ताकि वे बिना किसी भ्रम के अपने निर्धारित गेट तक पहुंच सकें।
इस व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
टिकट और कोच मिलान: यात्रियों को अपने ट्रेन टिकट, आरक्षित कोच या जनरल टिकट की श्रेणी के आधार पर यह देखना होगा कि उनके लिए कौन सा रंगीन गेट निर्धारित किया गया है।
भीड़ नियंत्रण और होल्डिंग एरिया: सामान्य दिनों और विशेषकर पीक आवर्स (Peak Hours) के दौरान यात्रियों को सीधे प्लेटफॉर्म पर जाने के बजाय पहले संबंधित रंग के होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा, जिससे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने के समय अचानक भारी भीड़ जमा न हो।
सुगम प्रवेश और निकास: इस कोडिंग सिस्टम के लागू होने से आने-जाने वाले यात्रियों के रास्ते अलग-अलग हो गए हैं, जिससे धक्के-मुक्की या कतार टूटने की समस्या से निजात मिली है।
यात्रियों के लिए रेलवे की विशेष अपील और निर्देश
रेलवे प्रशासन ने सभी रेल यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा से कम से कम 1 से 2 घंटे पहले स्टेशन पहुंचें और प्रवेश द्वार पर तैनात रेलवे कर्मियों या सुरक्षा बल के जवानों का सहयोग करें। कई बार यात्री जल्दबाजी में गलत गेट से प्रवेश करने की कोशिश करते हैं, जिससे उन्हें बाद में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्टेशन पर जगह-जगह हेल्प डेस्क (Help Desks) भी स्थापित किए गए हैं, जहां तैनात कर्मचारी यात्रियों को उनके टिकट के रंग के अनुसार सही गेट और प्लेटफॉर्म की जानकारी दे रहे हैं। इसके अलावा, रेलवे स्टेशनों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार घोषणाएं करके भी यात्रियों को इस नई तीन रंगों वाली व्यवस्था के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
सुरक्षा और यात्री सुविधा को बढ़ावा
हाल के दिनों में देश के विभिन्न बड़े स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ के कारण सुरक्षा प्रबंधों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने आधुनिक तकनीक, एआई-बेस्ड क्राउड मॉनिटरिंग और इस प्रकार की कलर-कोडेड मैनेजमेंट प्रणालियों को अपनाने पर जोर दिया है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शुरू की गई यह व्यवस्था यदि सफल रहती है, तो इसे देश के अन्य व्यस्त रेलवे स्टेशनों जैसे मुंबई, हावड़ा, पटना और कानपुर पर भी लागू किया जा सकता है।
निष्कर्ष
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लागू की गई ‘तीन रंगों वाली गेट व्यवस्था’ यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा की दिशा में एक बेहद सराहनीय कदम है। ट्रेन पकड़ने से पहले थोड़ा सा सतर्क रहकर और अपने टिकट के अनुसार सही रंग के गेट का चयन करके यात्री अपनी यात्रा को तनावमुक्त और सुरक्षित बना सकते हैं।
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