समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 17जून। कांग्रेस हमेशा से भाजपा की विरोधी रही है। कोविड- संकट के दौरान जब भाजपा ने बंगाल में रैलियां की तो उस समय भाजपा को काफी अवहेलनाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन इसी दौरान राहुल गांधी की भी रैलियां बंगाल में थी जिसे उस समय में राहुल ने रोक दिया था। अब इस रैली को रोकने के बाद चारो तरफ उनकी काफी वाहवाही हुई थी। क्योंकि उस समय कोरोना अपने चरम सीमा पर था और रैली को कोरोना के फैलने का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा था। लेकिन आज उनकी इस मानव कल्याण के लिए किए गए फैसले की एक पोल खुल गई है।
न्यूज 18 की पत्रकार पल्लवी घोष ने बुधवार (जून 16, 2021) को खुलासा किया कि कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को कोविड की दोनों वैक्सीन लग गई हैं जबकि राहुल गाँधी को पहली डोज 16 अप्रैल 2021 को लेनी थी लेकिन कोविड होने के कारण वह उसे नहीं ले पाए थे।
Sources – Mrs sonia gandhi has taken both vaccine doses .. @RahulGandhi was slated to take on 16th April but had COVID so deferred ..
— pallavi ghosh (@_pallavighosh) June 16, 2021
इस ट्वीट में पल्लवी घोष ने सोनिया गाँधी को लेकर जानकारी सूत्रों के हवाले से दी। लेकिन राहुल से जुड़ी जानकारी मिलने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवालों की झड़ी लगा दी।
In view of the Covid situation, I am suspending all my public rallies in West Bengal.
I would advise all political leaders to think deeply about the consequences of holding large public rallies under the current circumstances.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 18, 2021
यूजर्स ने तुरंत इस बात को नोटिस किया कि 16 अप्रैल को जब राहुल गाँधी कोविड पॉजिटिव पाए गए थे तो आखिर राहुल ने 18 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में रैली कैंसिल के पीछे कोविड स्थिति क्यों बताया।
जी हां पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य में होने वाली चुनावी रैली के मद्देनजर राहुल गाँधी ने 18 अप्रैल को ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि वो कोरोना स्थिति के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में अपनी सभी रैलियाँ कैंसिल कर रहे हैं।
इसके बाद राहुल ने अपने ट्वीट में खुद को बेहद संवेदनशील और जिम्मेदार राजनेता के तौर पर दर्शाते हुए अन्य नेताओं से ये अपील भी की थी कि वह पब्लिक रैली ना करें और लोगों के बारे में विचार करें।
इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी को ऐसा दर्शाया गया जैसे इस कोविड हालातों को और उससे होने वाले जनता के नुकसान को समझने वाले वही मात्र एक नेता हैं। फिर दो दिन बाद 20 अप्रैल पता चला कि राहुल गाँधी कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं।
20 अप्रैल के राहुल के ट्वीट में लिखा था, “कोविड के हल्के लक्षण अनुभव करने के बाद, मैं अभी कोविड पॉजिटिव निकला हूँ। जितने भी लोग मेरे संपर्क में आए, सेफ्टी प्रोटोकॉल्स को फॉलो करें और सुरक्षित रहें।”
अब अगर पल्लवी घोष की बात सही है तो बता कि राहुल गाँधी पहले ही कोविड पॉजिटिव पाए जा चुके थे और उन्होंने अपनी रैलियाँ भी इसलिए ही कैंसिल की थी इसके पीछे उनकी कोई जन कल्याण सोच नही थी।
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