समग्र समाचार सेवा
उदयपुर, 2 फरवरी। मंगलवार को मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। जहां एक और सरकार ने इस बजट की जमकर तारीफ की वहीं विपक्ष ने इसे सिरे से नकार दिया है। इसी कड़ी में अनुसूचित जन जाती मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन्नी लाल गरासिया ने बजट का स्वागत करते हुए इसे देशहित में बताया। वर्ष 2013-14 में कांग्रेसी यूपीए द्वारा 16.65 लाख करोड़ का बजट पेश किया गया था। मोदी सरकार यूपीए सरकार की तुलना में उससे 22.79 लाख करोड़ रु (137 फीसदी) अधिक खर्च करने जा रही है।
पिछली सरकारों ने नहीं रखा किसानों का ध्यान
कांग्रेसी यूपीए के अपने अंतिम 5 वर्षीय शासनकाल (2009-14) के दौरान प्रस्तुत 5 बजटों में कुल मिलाकर 1.14 लाख करोड़ रुपए कृषि मंत्रालय को दिए थे। जबकि केवल इस एक वर्ष के बजट में ही मोदी सरकार ने 1.24 लाख करोड़ रुपए कृषि मंत्रालय को दिए हैं। गरासिया ने कहा कि इस सरकार ने कृषि किसानों को लिए बहुत काम किया है।
रक्षा मंत्रालय का बजट बढ़ाया गया
गरासिया ने आगे कहा कि कांग्रेसी यूपीए के अपने अंतिम 3 वर्षीय शासनकाल (2011-14) के दौरान प्रस्तुत 3 बजटों में कुल मिलाकर 5.61 लाख करोड़ रुपए रक्षा मंत्रालय को दिए थे। जबकि केवल इस एक वर्ष के बजट में ही मोदी सरकार ने 5.25 लाख करोड़ रुपए रक्षा मंत्रालय को दिए हैं। जबकि इस बजट में 60 लाख बेरोजगारों को रोजगार देने का प्रावधान, 80 लाख ग्रामीण आवास बनाने का 2.37 लाख करोड़ का प्रावधान किसानों से समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने के लिए।
महिलाओं, किसानों, युवाओं व गांव, गरीब का बजट
चुन्नी लाल ने इस बजट का स्वागत करते हुए इसे महिलाओं, किसानों, युवाओं व गांव, गरीब किसानों का बजट बताया। डेढ़ लाख डाकघरों को कोर बैंकिंग से जोड़ने की घोषणा, एक लाख करोड़ रूपया राज्यों की सहायता करने के लिए प्रावधान, जल जीवन मिशन योजना में 60 हजार करोड रुपए रखे जाने का प्रावधान, नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत 37,800 करोड़ का प्रावधान, नेशनल एजुकेशन मिशन पर 39,500 करोड़ का प्रावधान व अन्य प्रावधान देश के विकसोन्मुख दिशा को दर्शाने वाले हैं।
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