अभिनेता से सांसद बने रवि किशन ‘संसद रत्न अवार्ड 2025’ से सम्मानित

समग्र समाचार सेवा
गोरखपुर, 27 जुलाई: बहुउद्देशीय कलाकार से सक्रिय सांसद बने रवि किशन ने एक बार फिर ‘संसद रत्न अवार्ड2025’ अपनी उपलब्धियों में जुड़ा। यह पुरस्कार भारत के парламентарियों को उत्कृष्ट संसदीय योगदान के लिए प्रदान किया जाता है और यह रवि किशन को यह दूसरी बार प्राप्त हुआ है।

गौरवमयी पल—रवि किशन की भावनाएँ

इस सम्मान से भोविनंदन पाकर रवि किशन ने X पर लिखा:

“मेरे लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का क्षण है कि मुझे संसद रत्न अवार्ड2025 से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार मुझे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू जी और अध्यक्ष हंसराज अहीर जी की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदान किया गया।”

उन्होंने Prime Point Foundation और संस्थापक श्री श्रीनिवासन जी का धन्यवाद जताया, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुक्य्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार माना, जिनके मार्गदर्शन ने उन्हें जनसेवा में समर्पित रहने की प्रेरणा दी। रवि किशन ने इसे गोरखपुर और पूर्वांचल की जनता के विश्वास का प्रतीक बताया और अपने जनसेवा कार्य को इसी आशीर्वाद के साथ आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

संसदीय सक्रियता और जनप्रतिनिधित्व

रवि किशन की संसदीय कार्यशैली की सबसे खास बात है उनका युवा, रोजगार, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विकास जैसे विषयों पर लगातार सक्रिय उपस्थिति। संसद में उन्होंने बहसों में भाग लिया, मुद्दों को उठाया और लोकहित प्रेरित प्रश्न उठाकर हर वर्ग के लिए चिंता जताई।

उनकी इस शैली ने उन्हें सभी राजनीतिक दलों के बीच सम्मान दिलाया—एक ऐसा सम्मान जो केवल लोकप्रियता से नहीं, बल्कि लगातार प्रयास और जवाबदेही से आता है।

फ़िल्मी दुनिया में वापसी—‘सन ऑफ सरदार 2’ और ‘धमाल 4’

रवि किशन अभिनेताओं की पंक्ति में भी सक्रिय हैं। अजय देवगन की अगली कॉमेडी फिल्म ‘सन ऑफ सरदार 2’ में उनका लीड रोल रोमांच और मनोरंजन का मिश्रण देने वाला बताया जा रहा है। इस फिल्म में सरदार का किरदार निभाते हुए वह पहली बार पर्दे पर इस रूप में नज़र आएंगे। फ़िल्म 1 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

इसके अलावा, वह ‘धमाल 4’ में भी नजर आएंगे—जो दर्शकों को हंसाने और सस्पेंस दोनों का मजा देने की तैयारी कर रही है।

एक अलग पहचान, दो दुनिया

  • रवि किशन ने फिल्मी दुनिया में अपनी कला से ऊँचा मुकाम बनाया, वहीं राजनीति में जनप्रतिनिधि के तौर पर न्याय, विकास और जनकल्याण को अपनी प्राथमिकता बनाया।
  • फिल्मों में हास्य और ऊर्जा भरा रोल निभाने के बाद, संसद में गंभीर मुद्दों पर वाद–प्रतिवाद और निर्भीक प्रश्न उठाने की दोहरी छवि उनके समर्पण को दर्शाती है।
  • यह दूसरी बार संसद रत्न प्राप्त करना उनके काम की निरंतरता और प्रभाव को दर्शाता है—एक ऐसा सम्मान जो सिर्फ शुरुआत नहीं, बल्कि स्थायी प्रशंसा का प्रतीक है।

रवि किशन का जीवन यह संदेश देता है कि प्रतिभा और कर्तव्य दोनों मिलकर व्यक्ति का व्यक्तिगत और सामाजिक ट्रैक सिद्ध कर सकते हैं। संसद रत्न अवार्ड के साथ उनकी जनता में प्रतिष्ठा बढ़ी है, लेकिन वे इसे गोरखपुर की जनता की आस्था और विश्वास मानते हैं।

चाहे सांसद के रूप में जनकल्याण हो या फिल्मों में मनोरंजन—रवि किशन की पारी दोनों ही जगह सराहनीय रही है। अब उनका वारिस ‘सन ऑफ सरदार 2’ रिलीज़ के साथ आ रहा है, जहाँ उनकी ऊर्जा फिर से व्यापक दर्शकों को लुभाने वाली है।

 

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