ऑपरेशन सिंदूर: पहलगाम आतंकी हमले से लेकर सैन्य कार्रवाई तक डोभाल का खुलासा

समग्र समाचार सेवा

नई  दिल्ली ,16 अगस्त :राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ‘डीक्लासीफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ डॉक्यूमेंट्री सीरीज के लिए दिए गए अपने पहले इंटरव्यू में भारत की सुरक्षा नीति और सैन्य कार्रवाई की अनसुनी परतों को उजागर किया। डोभाल ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत सरकार की प्राथमिकता क्या थी और कैसे पूरी नीति, कार्रवाई और कूटनीति को फौरन सक्रिय किया गया।

उन्होंने कहा कि जब पहलगाम में निर्दोष यात्रियों की हत्या हुई, तब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तुरंत सतर्क हो गए। डोभाल ने बताया कि प्रधानमंत्री की पहली चिंता मृतकों और घायलों के परिवार ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और भावी रणनीति थी। हमले की खबर मिलते ही पीएम मोदी सऊदी अरब यात्रा बीच में छोड़कर स्वदेश लौट आए। वे लगातार उच्चस्तरीय बैठकों, सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क और आतंकियों की पहचान में जुट गए।

एनएसए डोभाल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के लिए खुफिया तंत्र, सेना, वायुसेना, स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों की समन्वित रणनीति बनाई गई। इस दौरान आतंकियों के संभावित ठिकानों, स्लीपर सेल्स और पाकिस्तान प्रायोजित नेटवर्क पर लगातार नजर रखी गई। डोभाल ने बताया कि कार्रवाई की हर योजना में नागरिकों की सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, कूटनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का भी ध्यान रखा गया।

डोभाल ने इंटरव्यू में खुलासा किया कि भारत ने जिस तरह आतंकवादी हमले के पीछे शामिल लोगों की सटीक पहचान की और उनके खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ठोस कदम उठाए, वह देश की सुरक्षा नीति की गंभीरता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल सैन्य बल का नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति, रणनीतिक सोच और खुफिया नेटवर्क की सामूहिक सफलता है। डोभाल ने प्रधानमंत्री मोदी की निर्णायक नेतृत्व क्षमता की भी खुलकर सराहना की।

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