अमित शाह ने ‘रन फॉर यूनिटी’ को दिखाई हरी झंडी
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में भव्य 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन।
- सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर देश भर में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया।
- गृह मंत्री अमित शाह ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से दौड़ को हरी झंडी दिखाई।
- शाह बोले- सरदार पटेल ने मात्र 1,218 दिनों में अखंड भारत का निर्माण किया।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 31 अक्तूबर: भारत के लौह पुरुष और देश के पहले गृह मंत्री एवं उप-प्रधानमंत्री भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती (151st Birth Anniversary) के अवसर पर शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ (Rashtriya Ekta Diwas) अत्यधिक उत्साह और देशभक्ति के माहौल के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम (Major Dhyan Chand National Stadium) में एक भव्य ‘रन फॉर यूनिटी’ (Run for Unity) दौड़ का आयोजन किया गया।
देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस विशाल एकता दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवाओं, खेल प्रेमियों, विभिन्न सुरक्षा बलों के जवानों और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और देश की एकता व अखंडता का संकल्प लिया।
महज 1,218 दिनों में कर दिखाया असंभव कार्य: अमित शाह
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के राजनीतिक एकीकरण और राष्ट्र निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि आजादी के समय दुनिया भर के राजनीतिक पंडितों और विश्लेषकों ने यह भविष्यवाणी की थी कि भारत बिखर जाएगा और एक देश के रूप में टिक नहीं पाएगा।
लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और राजनीतिक कौशल के बल पर स्वतंत्रता के बाद के महज 1,218 दिनों के भीतर उस असंभव कार्य को कर दिखाया, जिसे कई नेता मिलकर शायद पूरी जिंदगी में भी पूरा नहीं कर पाते। उन्होंने 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर एक अखंड भारत की नींव रखी। गृह मंत्री ने कहा कि आज सरदार पटेल द्वारा गढ़ा और संवारा गया भारत पूरी दुनिया के सामने गर्व के साथ खड़ा है।
वर्ष 2014 से शुरू हुई राष्ट्रीय एकता दिवस की परंपरा
गृह मंत्री अमित शाह ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में भव्य रूप से मनाया जाता है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश की युवा पीढ़ी को सरदार साहब के देश के प्रति समर्पण और उनकी अमूल्य सेवाओं से अवगत कराना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आज ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विजन को लेकर आगे बढ़ रहा है। गृह मंत्री ने इस दौरान उपस्थित सभी नागरिकों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई और देश की आंतरिक सुरक्षा व अखंडता के लिए एकजुट रहने का संदेश दिया।
देशभर में आयोजित हुए रन फॉर यूनिटी के कार्यक्रम
राजधानी दिल्ली के अलावा देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी ‘रन फॉर यूनिटी’ के तहत मैराथन और दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न राज्यों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में दौड़ का नेतृत्व किया:
हरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में दौड़ को हरी झंडी दिखाई और नागरिकों को एकता का संदेश दिया।
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के पवेलियन ग्राउंड से एकता दौड़ का शुभारंभ किया।
गुजरात: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वडोदरा में आयोजित भव्य कार्यक्रम में सहभागिता की।
गोवा, त्रिपुरा और पंजाब सहित अन्य राज्यों में भी बड़े पैमाने पर नागरिकों ने दौड़ में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय एकता का परिचय दिया।
निष्कर्ष
सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ ने देशवासियों के मन में राष्ट्रभक्ति और एकता की भावना को और अधिक प्रगाढ़ किया है। गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नई दिल्ली में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक है कि भारत अपनी अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट और प्रतिबद्ध है।
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