अमित शाह ने अरुण जेटली की जयंती पर किया स्मरण
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को एक बेजोड़ संवैधानिक विशेषज्ञ, कुशल वक्ता और दूरदर्शी नेता के रूप में किया याद
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अमित शाह ने अरुण जेटली को संविधान और कानून का गहरा जानकार बताया
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संसद में तर्कपूर्ण भाषणों और अहम कानूनी मामलों में योगदान को किया याद
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पार्टी और सरकार को वैचारिक रूप से मजबूत करने में निभाई निर्णायक भूमिका
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अरुण जेटली की विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 29 दिसंबर: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को देश की राजनीति और संवैधानिक परंपराओं के लिए अमूल्य बताया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा संदेश में कहा कि अरुण जेटली एक बेजोड़ संवैधानिक और कानूनी विशेषज्ञ होने के साथ-साथ एक उत्कृष्ट वक्ता भी थे। उन्होंने संसद में अपने तार्किक, तथ्यपूर्ण और प्रभावशाली भाषणों के माध्यम से न केवल सरकार का पक्ष मजबूती से रखा, बल्कि लोकतांत्रिक विमर्श को भी नई दिशा दी। एक सांसद के रूप में उनकी भूमिका भारतीय संसदीय इतिहास में हमेशा याद की जाएगी।
गृह मंत्री ने कहा कि अरुण जेटली ने कई महत्वपूर्ण कानूनी और संवैधानिक मामलों में अपनी गहरी समझ और अनुभव से पार्टी व सरकार का मार्गदर्शन किया। जटिल विधायी सुधारों से लेकर संवैधानिक प्रश्नों तक, हर स्तर पर उनका योगदान निर्णायक रहा।
उनकी सलाह और रणनीतिक सोच ने पार्टी को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
अमित शाह ने यह भी कहा कि अरुण जेटली का व्यक्तित्व केवल राजनीति तक सीमित नहीं था। वे युवा नेताओं, वकीलों और नए सांसदों के लिए प्रेरणा के स्रोत थे। उनकी कार्यशैली, अनुशासन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की सोच आज भी मार्गदर्शक के रूप में प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि अरुण जेटली की विरासत समय की हर कसौटी पर खरी उतरेगी और उनके विचार व योगदान आने वाली पीढ़ियों को संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रसेवा के मूल्यों के प्रति जागरूक करते रहेंगे।
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