अयोध्या में बनेगी अमिताभ बच्चन की धर्मशाला

महानायक अमिताभ बच्चन ने पिता डॉ. हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में उठाया बड़ा कदम, 'द सरयू' प्रोजेक्ट के तहत 15 करोड़ की जमीन पर होगा निर्माण।

  • बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई जमीन पर एक भव्य धर्मशाला बनाने का निर्णय लिया है।
  • यह विश्राम गृह उनके दिवंगत पिता और महान कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में ‘द सरयू’ प्रोजेक्ट के तहत दशरथ पथ पर बनेगा।
  • इस 20 से अधिक कमरों वाली धर्मशाला के निर्माण के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) के पास नक्शे का प्रस्ताव जमा कर दिया गया है।

समग्र समाचार सेवा
अयोध्या / नई दिल्ली, 20 सितंबर: राम नगरी अयोध्या के विकास में देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियां लगातार अपना योगदान दे रही हैं। इसी कड़ी में हिंदी सिनेमा के दिग्गज और महानायक अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में एक बेहद सराहनीय और भावनात्मक पहल की शुरुआत की है। कुछ समय पूर्व अयोध्या में करोड़ों की संपत्ति खरीदने वाले अभिनेता अमिताभ बच्चन अब वहां अपने दिवंगत पिता, महान हिंदी कवि और पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. हरिवंश राय बच्चन की याद में एक भव्य स्मारक धर्मशाला का निर्माण कराने जा रहे हैं। इस धार्मिक और सामाजिक पहल से राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए उत्तम और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

दशरथ पथ पर ‘द सरयू’ प्रोजेक्ट के पास बनेगी धर्मशाला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमिताभ बच्चन ने अयोध्या के प्रमुख मार्ग ‘दशरथ पथ’ पर स्थित ‘द सरयू’ प्रोजेक्ट के अंतर्गत लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से जमीन खरीदी थी। इसी जमीन पर 20 से अधिक कमरों वाली एक अत्याधुनिक और सुविधासंपन्न धर्मशाला का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस संबंध में भवन के नक्शे और लेआउट की औपचारिक स्वीकृति के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है। प्राधिकरण द्वारा नियमानुसार इस प्रस्ताव पर सार्वजनिक नोटिस जारी करते हुए आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं, ताकि तय प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।

अक्टूबर तक शुरू हो सकता है निर्माण कार्य

अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) के उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने मीडिया से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है कि महानायक अमिताभ बच्चन की ओर से 20 से अधिक कमरों वाली धर्मशाला के निर्माण के लिए नक्शा आवेदन प्राप्त हुआ है। सभी निर्धारित प्रक्रियाओं और 15 दिनों की आपत्ति अवधि के समापन के बाद इस लेआउट को अंतिम रूप से स्वीकृत कर दिया जाएगा। प्रशासनिक मंजूरियां मिलने के बाद अक्टूबर माह से इस परियोजना का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू होने की पूरी संभावना है। इस धर्मशाला के बन जाने से देश-कोने से रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा और सहायता मिलेगी।

सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रेरणा का केंद्र

यह परियोजना केवल एक इमारत निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साहित्य और अध्यात्म के अनूठे संगम को दर्शाती है। डॉ. हरिवंश राय बच्चन का हिंदी साहित्य में अतुलनीय योगदान रहा है, और उनकी स्मृति में राम नगरी में बनने वाली यह धर्मशाला आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। महानायक का यह कदम न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि अयोध्या आने वाले आम श्रद्धालुओं के सफर को भी और अधिक सुगम बनाएगा।

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