आनंद में विकास की बड़ी सौगात: सीएम भूपेंद्र पटेल ने 234 करोड़ की 49 परियोजनाओं का किया शुभारंभ
सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और जल संसाधन से जुड़ी परियोजनाओं से आनंद जिले के समग्र विकास को मिलेगी नई रफ्तार
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आनंद जिले में कुल 49 परियोजनाएँ, लागत ₹234.01 करोड़
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सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल संसाधन पर केंद्रित
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विकास को “अंतिम व्यक्ति” तक पहुँचाने का संकल्प
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प्राकृतिक खेती और स्वास्थ्य सुरक्षा पर मुख्यमंत्री का संदेश
समग्र समाचार सेवा
आनंद (गुजरात) 31 जनवरी:गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को आनंद जिला के खंभात में ₹234.01 करोड़ की 49 जनकल्याणकारी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। चकडोल मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। ये परियोजनाएँ जिले के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगी।
सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
इन परियोजनाओं में सड़क एवं भवन विभाग की 13 राज्य स्तरीय और 12 पंचायत स्तरीय योजनाएँ शामिल हैं, जिनसे संपर्क और परिवहन अवसंरचना सुदृढ़ होगी। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल संसाधन से जुड़ी परियोजनाओं को भी गति दी गई है।
‘त्रिवेणी संगम’ के रूप में विकास
मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास को विकास का “त्रिवेणी संगम” बताते हुए कहा कि मानव संसाधन विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इन क्षेत्रों में निवेश से दीर्घकालिक सामाजिक लाभ सुनिश्चित होंगे।
शहरी निकायों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती
शहरी विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत 10 परियोजनाएँ लागू की गई हैं, जिससे नगरपालिकाओं की क्षमता बढ़ेगी। वहीं शिक्षा विभाग के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुँच बढ़ाने के लिए नए स्कूलों, अतिरिक्त कक्षाओं सहित पाँच परियोजनाएँ शुरू की गई हैं।
स्वास्थ्य सेवाएँ और जल प्रबंधन
चार स्वास्थ्य परियोजनाओं के माध्यम से चिकित्सा अवसंरचना और सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही नर्मदा, जल संसाधन और जल आपूर्ति विभाग की पाँच परियोजनाओं से सिंचाई और पेयजल की दीर्घकालिक समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई गई है।
रासायनिक खेती पर चिंता, प्राकृतिक खेती की अपील
मुख्यमंत्री ने कम उम्र में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रासायनिक कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य जोखिम बढ़ाता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक मुक्त, प्राकृतिक कृषि पद्धतियाँ अपनाने का आह्वान किया, ताकि मिट्टी और मानव स्वास्थ्य दोनों की रक्षा हो सके।
खंभात के पतंग उद्योग की सराहना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने खंभात के पारंपरिक पतंग उद्योग की कारीगरी और उसकी वैश्विक पहचान की प्रशंसा की और इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था की ताकत बताया।
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