भारत विरोधी साजिश का पर्दाफाश: तुर्की-पाकिस्तान फंडिंग, ड्रोन से लेकर ‘रेजिम चेंज’ प्लान तक!

पूनम शर्मा

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन सप्लाई किए थे।यह बेहद खौफनाक है कि कैसे कुछ भारतीय एंटी-इंडिया कार्टेल का हिस्सा बन गए। अब्दुल मलिक मुजाहिद एक पाकिस्तानी हैं और तुर्की के प्रधानमंत्री के बेटे बिलाल एर्दोगान के साथ बहुत करीबी से काम कर रहे हैं। वे अमेरिका में एक ही पते पर रजिस्टर्ड कई संगठनों को चलाते हैं। इन्हीं में से एक है जस्टिस फॉर ऑल। इस संगठन में वे सोरोस-फंडेड मार्क्सवादी सुनीता विश्वनाथ के “हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स” और कट्टरपंथी इस्लामी संगठन IAMC के साथ काम करते हैं।

उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत जी की अमेरिका यात्रा के खिलाफ एक कैंपेन चलाया था।
AAP नेता और अब AAP के नए ब्रांड CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने टर्की सरकार द्वारा फंडेड TRT न्यूज को अपना पहला इंटरव्यू दिया। सबसे चौंकाने वाली बात, उन्होंने 1 जुलाई को ट्विटर पर भारत लौटने की घोषणा की, जबकि TRT को उन्होंने यही बात 28 जून को बता दी थी।

यह सब पूर्व-नियोजित था।

टर्की, कतर और पाकिस्तान-फंडेड जस्टिस फॉर ऑल के भारतीय सहयोगी IAMC और हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स (HFHR) हैं। IAMC के अजीत साही और HFHR की सुनीता विश्वनाथ।HFHR की एडवाइजरी बोर्ड में हरश मंदर, स्वरा भास्कर, अकर पटेल, तीस्ता सीतलवाड़, आदि जैसे नाम शामिल हैं। हैरान करने वाली बात यह भी कि उनके एक सलाहकार डॉ. खालिद अनीस अंसारी हैं, जो अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।याद रहे कि अज़ीम प्रेमजी-फंडेड इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने CJP के प्रदर्शन के लिए टूलकिट तैयार की थी।
मार्क्सवादी मीडिया कार्टेल, जिसमें द वायर, ऑल्ट न्यूज, पीक टीवी, न्यूज़लॉन्ड्री, रेड माइक आदि शामिल हैं, एकतरफा नैरेटिव चला रहे थे। इन सबको अज़ीम प्रेमजी द्वारा IPSMF के जरिए फंडिंग मिलती है।

IAMC कर क्या रहा है

IAMC के एडवोकेसी डायरेक्टर अजीत साही USIRF से RSS और भारतीय खुफिया एजेंसी RAW (जो आतंकवादियों और भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ लड़ती है) को बैन करवाने की लॉबिंग कर रहे हैं।अजीत साही, जमाअत-ए-इस्लामी हिंद (नदीम खान) और उमर खालिद व अन्य दिल्ली दंगाइयों के साथ मिलकर काम करते हैं। नदीम खान ने पोस्ट किया है कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत में भी जल्द ही ‘regime change’ का प्रदर्शन होगा। उनकी डीपी और बैनर में जिन लोगों की तस्वीरें हैं, देखें; उमर खालिद के दोस्त सौरव दास भी CJP का हिस्सा हैं। देखें कि नदीम खान किन लोगों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और कैसे ये सभी CJP प्रदर्शन के दौरान भी सक्रिय थे। अजीत साही वही व्यक्ति हैं जिन्होंने SIMI आतंकवादियों को छुड़वाने में मदद की थी।

उनके लिए SIMI के आतंकवादी ‘एक्टिविस्ट’ थे! उमर खालिद के पिता SIMI के संस्थापक थे और वे भी CJP प्रदर्शन में सक्रिय थे।अजीत साही एक ‘regime change’ विशेषज्ञ हैं, और जब मिस्र में तहरीर स्क्वायर में सत्ता परिवर्तन हुआ था, तब वे वहां थे, जीन शार्प और CANVAS की ‘कलर रैवोल्यूशन’ रणनीति के साथ। सालों से वे मुसलमानों को सड़कों पर उतरने के लिए भड़का रहे हैं, क्योंकि उनके मुताबिक वे कोर्ट में नहीं जीत सकते।अब सबसे चौंकाने वाली जानकारी टर्की सरकार द्वारा फंडेड NGO IHH की 2018 में बैन किए गए आतंकी संगठन PFI के साथ मीटिंग हुई थी। यही IHH, जो टर्की से फंडेड है, ने हमास के समर्थन में यात्रा आयोजित की थी और अजीत साही भी इसमें शामिल थे, साथ में मार्क्सवादी भी।

इनके साथ हमास के समर्थन में टर्की-फंडेड NGO के साथ गए लोगों में महाराष्ट्र AAP के पूर्व प्रमुख सुधीर सावंत भी थे।
हैरान करने वाली बात यह है कि अभिजीत दीपके महाराष्ट्र IT सेल के तहत सुधीर सावंत के अधीन थे। गोपाल राय भी इसी योजना में शामिल थे, साथ में SIMI के संस्थापक और उमर खालिद के पिता SQR इलियास, CPIM और AISA के मार्क्सवादी नेता भी थे। वे गाजा जाकर हमास का समर्थन करने की योजना बना रहे थे।नीचे दिए गए नाम देखें, जो इस योजना का हिस्सा थे।

पूरी तस्वीर यही है:

भारत में ये लोग अपने ‘स्लीपर सेल’ के जरिए सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं। जबकि अमेरिका में ये RSS प्रमुख की यात्रा का विरोध कर रहे हैं और RSS व भारतीय एजेंसी RAW (जो टर्की और पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों से लड़ती है) को बैन कराने के लिए भारी खर्च कर रहे हैं। ये सभी तथ्य उन लोगों तक पहुंचाएं, जो सोचते हैं कि CJP, AAP और मार्क्सवादी (डिमागी नक्सल) भारत में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए लड़ रहे हैं।

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