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समय सीमा: EVM और VVPAT की जांच 16 फरवरी से 18 फरवरी तक वशिष्ठ लालमतिया में चलेगी।
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तकनीकी टीम: ECIL के 10 अनुभवी इंजीनियर मशीनों की हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर शुद्धता की जांच करेंगे।
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उच्च स्तरीय समीक्षा: CEC ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयोग की टीम राज्य की चुनावी तैयारियों का ‘फुल बेंच’ रिव्यू करेगी।
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पूर्ण पारदर्शिता: राजनीतिक दलों की उपस्थिति और लाइव वेबकास्टिंग के जरिए प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाया जाएगा।
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी असम 16 फरवरी :असम में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही प्रशासनिक और चुनावी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कामरूप महानगर (Metropolitan) जिले में सोमवार, 16 फरवरी से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपीएटी (VVPAT) की प्रथम स्तर की जांच (FLC) शुरू हो रही है।
यह तीन दिवसीय अभ्यास वशिष्ठ लालमतिया स्थित जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के गोदाम में आयोजित किया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि यह प्रक्रिया उसी समय शुरू हो रही है जब भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की पूरी बेंच खुद जमीनी हकीकत का जायजा लेने असम पहुंच रही है।
इंजीनियरों की निगरानी में होगी मशीनों की फिटनेस जांच जिला निर्वाचन अधिकारी और कामरूप (मेट्रो) के जिला आयुक्त स्वप्निल पॉल द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के 10 विशेषज्ञ इंजीनियरों की एक टीम इस जांच का नेतृत्व करेगी। अगले तीन दिनों तक सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाले इस अभ्यास में कम से कम 30 बैलेट यूनिट (BU), 550 कंट्रोल यूनिट (CU) और 70 VVPAT मशीनों का गहन निरीक्षण किया जाएगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य तकनीकी त्रुटियों को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि मतदान के दिन मशीनें सुचारू रूप से काम करें।
पारदर्शिता पर जोर: राजनीतिक दलों की मौजूदगी में वेबकास्टिंग चुनाव आयोग ने इस बार पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पूरी जांच प्रक्रिया की न केवल वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, बल्कि इसका सीधा वेबकास्ट (Webcast) भी होगा। जिले की सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को इस दौरान उपस्थित रहने के लिए आमंत्रित किया गया है, ताकि मशीनों की विश्वसनीयता पर किसी भी प्रकार का संदेह न रहे।
मुख्य चुनाव आयुक्त का दौरा: चुनावी शंखनाद के संकेत इस तकनीकी जांच के बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ सोमवार को गुवाहाटी पहुंच रही है। उनके साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी होंगे। आयोग की यह टीम राजनीतिक दलों के नेताओं, जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस प्रमुखों के साथ मैराथन बैठकें करेगी। माना जा रहा है कि 18 फरवरी को दौरे के अंतिम दिन प्रेस वार्ता के दौरान चुनाव की संभावित तारीखों या तैयारियों पर बड़ा अपडेट मिल सकता है।
मार्च-अप्रैल 2026 में होने वाले इन चुनावों के लिए यह सप्ताह असम की राजनीतिक दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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