आजमगढ़ को मिला एक्सप्रेसवे का तोहफा, योगी बोले – पहचान का संकट अब इतिहास

समग्र समाचार सेवा
आजमगढ़, 20 जून: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 7283 करोड़ रुपये की लागत से बने 91 किलोमीटर लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का भव्य लोकार्पण किया। कार्यक्रम का आयोजन आजमगढ़ में हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीर जनता के सामने रखी और पूर्ववर्ती सरकारों पर करारा हमला भी बोला।

सपा पर तीखा प्रहार

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आजमगढ़ ने सपा को सांसद से लेकर मुख्यमंत्री तक दिया, लेकिन बदले में उसे न विश्वविद्यालय मिला, न ही एक्सप्रेसवे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि 2016 में एक्सप्रेसवे के नाम पर केवल टेंडर जारी कर दिए गए थे और उसमें भी घोटाले की मंशा छिपी थी।

मुख्यमंत्री ने सपा के पूर्व शासनकाल को याद दिलाते हुए कहा कि तब की सरकारें माफिया और डी-कंपनी से मिली होती थीं, जबकि आज प्रदेश में कानून का राज है और विकास की गंगा बह रही है।

पूर्वांचल की प्रगति का उदाहरण

योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए बताया कि आज आजमगढ़ और मऊ के लोग सुबह लखनऊ जाकर दिन का काम निपटाकर शाम तक वापस लौट सकते हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में डेढ़ एक्सप्रेसवे थे, जबकि अब गोरखपुर लिंक, बुंदेलखंड, गंगा और बलिया लिंक जैसे एक्सप्रेसवे तेजी से बन रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन है, और दिल्ली-मेरठ 12 लेन हाईवे से केवल 45 मिनट में दिल्ली पहुंचा जा सकता है। यह प्रदेश को एक नई आर्थिक ऊंचाई पर ले जाएगा।

युवाओं को रोजगार और विकास का भरोसा

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एक्सप्रेसवे के किनारे अब औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता की बात करते हुए कहा कि 60,000 सिपाहियों की भर्ती में आजमगढ़ के युवाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और किसी से न जाति पूछी गई न सिफारिश चली।

उन्होंने पूर्व की सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले चाचा-भतीजा झोला लेकर सिफारिशों के लिए निकल पड़ते थे, लेकिन अब योग्यता के आधार पर भर्ती होती है।

विरासत और विकास का नया समन्वय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने अब विरासत और विकास का एक साथ समन्वय किया है। काशी विश्वनाथ धाम, चित्रकूट, विंध्यवासिनी और अब मथुरा के विकास पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आजमगढ़ की साड़ियां वैश्विक पहचान बना रही हैं और सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ के प्रयासों से हरिहरपुर गांव के संगीत को भी राष्ट्रीय मंच मिल रहा है।

 

Comments are closed.