बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ को 11 साल, पीएम मोदी बोले- भारत की बेटियाँ लगातार बना रही नए रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री मोदी ने अभियान की 11वीं वर्षगांठ पर गर्व जताया, कहा- लड़कियाँ हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं

  • ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को हुई थी।
  • पीएम मोदी ने कहा कि बेटियाँ हर क्षेत्र में नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही हैं।
  • जन्म के समय लिंगानुपात 918 से बढ़कर 929 हुआ, शिक्षा में भी सुधार दिखा।
  • माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं का सकल नामांकन 75.51% से बढ़कर 78% हुआ।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 22 जनवरी: 11 साल पूरा कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “कन्या को लक्ष्मी मानने वाले हमारे देश में आज से 11 साल पहले ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत हुई थी। गर्व की बात है कि आज भारतीय बेटियाँ हर क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।”

सुभाषित के जरिए संदेश

पीएम मोदी ने इस अवसर पर एक सुभाषित भी साझा किया:
“दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्। यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया॥”
यह संदेश लड़कियों के महत्व और उनके योगदान को उजागर करता है।

अभियान की शुरुआत और उद्देश्य

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान 22 जनवरी 2015 को शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य लिंग आधारित भेदभाव को रोकना, लड़कियों के अस्तित्व और सुरक्षा को सुनिश्चित करना तथा उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह योजना केंद्र सरकार की पूरी तरह से वित्तपोषित है और देश के सभी जिलों में लागू की जा रही है।

राष्ट्रीय चेतना में मजबूत पहचान

पिछले 11 वर्षों में इस पहल ने राष्ट्रीय चेतना में अपनी मजबूती बनाई है। अभियान ने समुदायों, सरकारी एजेंसियों, नागरिक समाज और मीडिया को एकजुट किया है ताकि बालिकाओं के अधिकारों के समर्थन में व्यापक स्तर पर काम हो सके। यह लड़कियों के लिए सुरक्षित और न्यायसंगत माहौल बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

लिंगानुपात और शिक्षा में सुधार

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के HIMIS आंकड़ों के अनुसार, साल 2014-15 में जन्म के समय लिंगानुपात 918 था, जो 2024-25 में बढ़कर 929 हो गया। शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव दिखे हैं। शिक्षा मंत्रालय के UDISE आंकड़ों के मुताबिक, माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं का सकल नामांकन 75.51% से बढ़कर 78% हो गया।

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