कुआलालंपुर में भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक, भारत की भूमिका की सराहना

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महिला शांति रक्षक पहल और रक्षा थिंक-टैंक संवाद की घोषणा की, आसियान देशों ने भारत को “जिम्मेदार महाशक्ति” बताया

  • आसियान रक्षा मंत्रियों ने भारत की इंडो-पैसिफिक में स्थिरता सुनिश्चित करने की भूमिका को सराहा।
  • राजनाथ सिंह ने “Women in UN Peacekeeping Operations” और “Defence Think-Tank Interaction” पहल की घोषणा की।
  • फिलीपींस, कंबोडिया, सिंगापुर और थाईलैंड ने भारत के आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग और सहयोगात्मक दृष्टिकोण की प्रशंसा की।
  • आसियान देशों ने भारत-आसियान साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

समग्र समाचार सेवा
कुआलालंपुर, 01 नवंबर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 31 अक्टूबर 2025 को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित दूसरी भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों ने भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का मजबूत स्तंभ बताया।

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह बैठक भारत और आसियान के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का एक अहम अवसर है। उन्होंने दो नई पहलों की घोषणा की —

1. आसियान-इंडिया महिला शांति रक्षक पहल, और

2. आसियान-इंडिया रक्षा थिंक-टैंक संवाद।

मलेशिया के रक्षा मंत्री ने भारत को “उभरती वैश्विक महाशक्ति” बताते हुए कहा कि आसियान को भारत के साथ साइबर सुरक्षा, डिजिटल डिफेंस और रक्षा नवाचार के क्षेत्र में सहयोग से बड़ा लाभ मिलेगा।

फिलीपींस के रक्षा मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कानून और बहुपक्षवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की सराहना की, खासतौर पर समुद्री कानून (UNCLOS) के पालन को अन्य देशों के लिए उदाहरण बताया। उन्होंने आगामी भारत-आसियान समुद्री अभ्यास के प्रति समर्थन भी जताया।

कंबोडिया, सिंगापुर और थाईलैंड के मंत्रियों ने भारत के आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सराहा।

बैठक के अंत में आसियान देशों ने भारत की पहलों का स्वागत करते हुए रक्षा सहयोग को नए स्तर पर ले जाने का आश्वासन दिया।

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