केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 5 फरवरी को ‘भारत टैक्सी’ का करेंगे शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विज़न से प्रेरित ‘भारत टैक्सी’ ड्राइवर-स्वामित्व, शून्य-कमीशन और महिला सुरक्षा को केंद्र में रखेगी

  • सहकारिता-आधारित देश का पहला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ 5 फरवरी को लॉन्च
  • सारथी ही मालिक’ मॉडल; शीर्ष सारथियों को शेयर प्रमाणपत्र व बीमा कवर
  • महिला सुरक्षा के लिए ‘सारथी दीदी’ पहल; 150+ महिला ड्राइवर जुड़ीं
  • 3 लाख+ ड्राइवर, 1 लाख+ यूज़र; रोज़ाना 10,000+ राइड्स

 

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 04 फरवरी: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 05 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में सहकारिता क्षेत्र की पहली टैक्सी सर्विस भारत टैक्सी का शुभारंभ करेंगे। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विज़न के अनुरूप समावेशी और नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सहकारिता से रोज़गार और स्वामित्व

सहकारिता मंत्रालय के नेतृत्व में यह प्लेटफॉर्म ड्राइवरों, जिन्हें ‘सारथी’ कहा जाता है, को स्वामित्व, संचालन और मूल्य-निर्माण के केंद्र में रखता है। ‘सारथी ही मालिक’ सिद्धांत के तहत ड्राइवर एग्रीगेटर-आधारित शोषणकारी मॉडलों से मुक्त होकर सीधे लाभ के भागीदार बनते हैं।

शीर्ष सारथियों का सम्मान, बीमा सुरक्षा

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष छह सारथियों को शेयर प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक सम्मानित सारथी को ₹5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और ₹5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा मिलेगा, जो दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

MoU और डिजिटल सशक्तिकरण

लॉन्च अवसर पर संचालनात्मक एकीकरण, सुरक्षा और सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए सार्वजनिक व निजी हितधारकों के साथ नौ समझौता ज्ञापन (MoU) किए जाएंगे।

शून्य-कमीशन, सर्ज-फ्री मॉडल

बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत यह प्लेटफॉर्म (स्थापना: 6 जून 2025) शून्य-कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग पर काम करता है। लाभ का प्रत्यक्ष वितरण ड्राइवरों को होता है, जिससे यह विदेशी निवेश-आधारित एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स का स्वदेशी विकल्प बनता है।

महिला सशक्तिकरण और सहायता केंद्र

महिला सुरक्षा के लिए ‘सारथी दीदी’/‘बाइक दीदी’ जैसी पहलों के तहत 150 से अधिक महिला ड्राइवर जुड़ चुकी हैं। दिल्ली में सात स्थानों पर सहायता केंद्र, त्वरित आपातकालीन सहायता, सत्यापित राइड डेटा और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर काम करने की स्वतंत्रता जैसे प्रावधान मौजूद हैं।

तेज़ी से विस्तार

अब तक 3 लाख से अधिक ड्राइवर, 1 लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं और दिल्ली-एनसीआर व गुजरात में रोज़ाना 10,000+ राइड्स पूरी की जा रही हैं। लगभग ₹10 करोड़ सीधे ड्राइवरों में वितरित किए जा चुके हैं। अगले दो वर्षों में सभी राज्यों और शहरों में विस्तार तथा हर राज्य में सहायता केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य है। कार्यक्रम में देशभर से 1,200+ सारथियों की भागीदारी अपेक्षित है।

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