समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4 सितंबर: भाजपा के नेता और राजनीतिक विश्लेषक प्रदीप भंडारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधारों की जोरदार सराहना की है। उन्होंने कहा कि अप्रत्यक्ष करों में कटौती की घोषणा न सिर्फ आम जनता को राहत देने वाली है, बल्कि कांग्रेस पार्टी के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि वह अपने शासनकाल में क्या करने में नाकाम रही।
कांग्रेस की विफलताओं पर निशाना
भंडारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कांग्रेस ने भारत को कमजोर अर्थव्यवस्था की श्रेणी में धकेल दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बार-बार कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों और भ्रष्टाचार की पोल खोलते रहे हैं।
उनके मुताबिक, जीएसटी सुधार, जिसे कांग्रेस अपने कार्यकाल में लागू नहीं कर सकी, मोदी सरकार ने सफलतापूर्वक लागू किया और अब उसमें व्यापक सुधार भी किए हैं।
‘गरीबी हटाओ’ से बढ़ी गरीबी: भंडारी
भंडारी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 70 सालों तक “गरीबी हटाओ” का नारा दिया, लेकिन नतीजा यह रहा कि देश और गरीब होता गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महंगाई कम करने का वादा किया था, लेकिन उनके कार्यकाल में महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। भंडारी के अनुसार, कांग्रेस का इतिहास अधूरे वादों और भ्रष्टाचार से भरा हुआ है।
मोदी सरकार की प्राथमिकताएं
प्रदीप भंडारी ने कहा कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता गरीबों की सेवा, मध्यम वर्ग के लिए राहत और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने दावा किया कि आज भारत आर्थिक सुधारों की दिशा में दुनिया के सामने एक आदर्श मॉडल पेश कर रहा है।
वित्त मंत्री की घोषणा और जीएसटी सुधार
हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी में बड़े सुधारों की घोषणा की है। 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब जीएसटी दरें केवल दो स्लैब में होंगी—5% और 18%।
5% स्लैब में आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं शामिल की गई हैं, जैसे खाद्य और रसोई की सामग्री, कृषि उपकरण, हस्तशिल्प और स्वास्थ्य उपकरण। वहीं, 18% स्लैब में बाकी सेवाएं और उत्पाद शामिल होंगे। इससे कारोबारियों और उपभोक्ताओं दोनों को राहत मिलेगी।
राजनीतिक मायने
भंडारी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर पुराने फैसलों को बदलने के आरोप लगा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार को अपनी गलतियों का एहसास आठ साल बाद हुआ।
हालांकि, भाजपा का तर्क है कि यह बदलाव जनता को राहत देने और कर प्रणाली को सरल बनाने के लिए किया गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में जीएसटी सुधार चुनावी बहस का बड़ा मुद्दा बन सकते हैं।
जीएसटी सुधारों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। जहां प्रदीप भंडारी इसे कांग्रेस की नाकामी पर मोदी सरकार की जीत बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस इसे देर से लिया गया निर्णय मान रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा न सिर्फ संसद बल्कि सड़कों पर भी सियासी रंग ले सकता है।
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