भाजपा ने किए बड़े संगठनात्मक बदलाव, तावड़े-ईरानी को अहम जिम्मेदारी

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की सूची की जारी, दिग्गजों को मिला बड़ा दायित्व।

  • भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक फेरबदल करते हुए देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की घोषणा कर दी है.
  • वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े को राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील राज्य उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा गया है.
  • पार्टी की कद्दावर नेत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ तथा रणनीतिकार सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल व तेलंगाना की जिम्मेदारी मिली है.

नई दिल्ली, 23 सितंबर: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी चुनावी रणनीतियों और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए पार्टी प्रभारियों (In-charges) और सह-प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा मंजूर की गई इस नई सूची में कई वरिष्ठ और अनुभवी चेहरों को महत्वपूर्ण राज्यों की कमान सौंपी गई है. राजनीतिक गलियारों में इस फेरबदल को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी ने जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिए अपनी रणनीति को और धार दी है.

विनोद तावड़े को दोबारा उत्तर प्रदेश की कमान

राजनीतिक रूप से देश के सबसे महत्वपूर्ण और बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में पार्टी ने एक बार फिर विनोद तावड़े पर भरोसा जताया है. विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रदेश प्रभारी बरकरार रखा गया है, ताकि राज्य में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और रणनीतियों का संचालन उनकी देखरेख में सुचारू रूप से जारी रह सके। उनके साथ सहयोग के लिए पार्टी ने कई सह-प्रभारियों की भी नियुक्ति की है, जिससे मैदानी स्तर पर चुनावी और संगठनात्मक समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

स्मृति ईरानी और सुनील बंसल को मिली बड़ी जिम्मेदारी

पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ जैसे महत्वपूर्ण राज्यों का संगठनात्मक प्रभार सौंपा गया है। इन दोनों राज्यों में पार्टी के विस्तार और आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए उनकी यह नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है। वहीं, पार्टी के चाणक्य और कुशल रणनीतिकार माने जाने वाले सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल और तेलंगाना की विशेष जिम्मेदारी दी गई है, जहां पार्टी पहले से ही अपने जनाधार को विस्तार देने के लिए विशेष अभियान चला रही है।

संगठन को धार देने की रणनीति

इसके अलावा राम माधव को उत्तराखंड और तमिलनाडु का प्रभार सौंपा गया है, साथ ही उनके साथ बांसुरी स्वराज जैसी युवा नेत्री को उत्तराखंड का सह-प्रभारी बनाया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन तमाम नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने एक तरफ जहां अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ उठाने का प्रयास किया है, वहीं दूसरी तरफ युवा और ऊर्जावान चेहरों को भी संगठन के शीर्ष प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका देकर भविष्य की तैयारियों का संकेत दिया है। पार्टी के इस नए फेरबदल से कार्यकर्ताओं में भी नया उत्साह देखने को मिल रहा है।

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