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जीजीएन विशेष

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा: “इन्हें………….फिट कर दो।”

पवन कुमार बंसल. "इन्हें.............फिट कर दो।" - एशियाई खेलों के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भजन लाल द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को खुश करने के लिए हरियाणा पुलिस का दुरुपयोग। मेरी आने वाली किताब 'हरियाणा पुलिस की अनकही कहानी'…

साहिब की गोरी – बहादुरगढ़ का थानेदार परेशान

पवन बंसल मेरी आने वाली किताब खाकी के सबरंगे किस्से का नमूना। साहिब की गोरी - बहादुरगढ़ का थानेदार परेशान। बात उन दिनों की है जब बहादुरगढ़ रोहतक जिले का हिस्सा था यानि झज्जर जिला नहीं बना था। बहादुरगढ़ का थानेदार काफी परेशान था। शाम को साहिब…

मुझे रेलगाड़ी के Engine से प्यार हो गया…

अंग्रेजों ने जब हिंदुस्तान में नई-नई रेलगाड़ी (Train) चलाई तो एक डेरे के बाबा जी रोजाना रेलगाड़ी देखने जाते थे। एक दिन डेरे के सेवादारों ने पूछ लिया कि आप रोज Train देखने क्यों जाते हो ? 🤔 बाबा जी ने जवाब दिया कि "मुझे रेलगाड़ी के Engine से…

❣️एक मुलाकात ज़िन्दगी से

-स्वामी यतींद्र आनंद अब्राहम लिंकन के पिता जूते बनाते थे, जब वह राष्ट्रपति चुने गये तो अमेरिका के अभिजात्य वर्ग को बड़ी ठेस पहुँची!सीनेट के समक्ष जब वह अपना पहला भाषण देने खड़े हुए तो एक सीनेटर ने ऊँची आवाज़ में कहा, मिस्टर लिंकन याद…

17 मई जानकी नवमी: उनके मंदिर बनने की तो बहुत खुशी है पर मेरा जीर्णोद्धार कब होगा?

प्रभात झा उनके मंदिर बनने की तो बहुत खुशी है पर मेरा जीर्णोद्धार कब होगा। भारत में सामान्य तौर पर किसी से भी पूछा जाए कि भगवान श्री राम लला का जन्म कहां हुआ, तो सभी तपाक से उत्तर देंगे अयोध्या। हर भारतीय के जुवां पर यह नाम है। इसी तरह यदि…

वोट न डालने का दुष्परिणाम- इतिहास की सच्ची घटना

सन् १९४६-४७ में  भारत के विभाजन के समय आसाम के सिलहट जिले को गोपीनाथ बोरदोलोई ने भारत में मिलाने की बात रखी। जनमत संग्रह किया जाना तय किया गया। वोटिंग के दिन सारे मुसलमान सवेरे ही लाइनों में लग गये हिन्दू लाखों थे पर वे दोपहर तक सोने और…

भारत का एकमात्र मुग़ल प्रभाव मुक्त राज्य -राजस्थान

प्रस्तुति -:कुमार राकेश राजस्थान का एक भी जिला मुगलों के नाम पर नहीं हैं और शेष भारत में ढेरों जिले हैं जो मुगलों के नाम पर हैं.... कारण सिर्फ यह है कि राजपूताने पर मुगलों का कभी वर्चस्व हुआ ही नहीं,,,, और ये बात विद्यालयों और इतिहास में…

अतीत के झरोखों से / 6 – माधव हेयर कटिंग सैलून

प्रशांत पोळ बचपन में, महीने के पहले रविवार को बाल काटने के लिए सैलून में जाना अनिवार्य होता था. बचपन की यादों में इस कटिंग का अहम स्थान हैं. और अहम स्थान हैं, ‘माधव हेयर कटिंग सैलून का. बचपन में बाल काटने की सारी यादें जुडी हैं, माधव…

-:पुष्यमित्र शुंग:- सनातन हिन्दू संस्कृति के ध्वजवाहक

प्रस्तुति -:कुमार राकेश इतिहास कभी मिथ्या नहीं हो सकता। इतिहास तो स्वयं एक अटल सत्य है जो काल चक्र के किसी पहलू में अंकित हो चुका है। किन्तु इतिहास को मिथ्या बनाया जाता है। इतिहास के तथ्य मर्दन का कार्य करते हैं वामपंथी इतिहासकार और…

मधु लिमये; जीवन में न्यूनतम लिया अधिकतम दिया और श्रेष्ठतम जिया

प्रोफेसर राजकुमार जैन आज स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा, लोकतंत्र, समाजवाद के प्रहरी मधु लिमये का 102 वा जन्म.दिवस है।उनकी दास्तान एक लेख में बयां करना मुमकिन नहीं है। इसलिए मैंने अपनी बात मरहूम अटल बिहारी वाजपेयी जो कि मधु जी के सहकर्मी…