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विचार

ECI नियुक्ति कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, संविधान पीठ को भेजा मामला

समग्र समाचार सेवा  नई दिल्ली, 23 सितंबर : चुनाव आयोग (ECI) के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े 2023 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इन याचिकाओं…

दिल्ली में मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई: विरोध, हंगामा और प्रशासन की सख्ती

पूनम शर्मा राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने के लिए मंगलवार रात प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। गोकलपुरी, मस्जिद मतोंचक, शालीमार बाग और अन्य क्षेत्रों में बुलडोजर चलाया गया। खासकर मस्जिदों और उनके आसपास बसे…

मैं कौन हूँ और आप कौन ?

माही अग्रवाल जैसे यदि बात करूँ तो कुछ बातें इस तरह से कही जाती हैं जैसे अवधारणा के स्तर पर कोई बहुत बड़ी या भारी भरकम बात हो। उदहारण के लिए लूँ तो- जैसे, मैं कौन हूँ "आप कौन हैं?" "हर क्षण हमें वर्तमान में जीना चाहिए!" "खुद में भरोसा…

क्या नैतिकता और अश्लीलता एक हैं या ??

माही अग्रवाल मैं नहीं जानती! क्योंकि, जब से मैं पूरी तरह होश में जी रही हूँ तब से मैं हर पल इस एहसास में हूँ कि जिसे हम जीवन कहते हैं- जीवन अर्थात बचपन से बुढ़ापा नहीं बल्कि जब तक सांसे चल रही हैं तभी तक! किसी भी क्षण अगर सांसो की यह डोर…

पत्रकारिता के गलियारों में पायल की आवाज़ बहुत खटकेगी

कुमार राकेश जब मैंने पहली बार सुना कि पायल अब इस दुनिया में नहीं हैं, तो मुझे अपनी कानों पर यकीन ही नहीं हुआ। क्या वाकई ऐसा हो सकता है? कुछ समय के लिए, कई सवाल मेरे दिमाग में घूमते रहे। जो इंसान इतनी ऊर्जा से भरपूर हो, जो अपने पेशे…

नितिन नवीन :BJP की सोशल मीडिया वर्कशॉप में शामिल हुए

समग्र समाचार सेवा  नई दिल्ली, 22 सितंबर : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन ने पार्टी की एक सोशल मीडिया वर्कशॉप में हिस्सा लिया, जिसमें आगामी चुनावों के मद्देनज़र डिजिटल रणनीति और राहुल गांधी के बयानों का प्रभावी…

बिना सनातन संस्कृति के भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती

✍🏻 पार्थसारथि थपलियाल वर्तमान में अलग अलग तौर तरीकों से सनातन संस्कृति के विरुद्ध तरह तरह के दुष्चक्र चलाए जा रहे हैं। दुष्चक्र के ये अभियान वे लोग चलाते हैं जिन्होंने भारत को गहराई से नहीं जाना अथवा वे भारतीयता के विरोधी हैं। ऐसे लोग…

भारतीय समावेशी समाज पर आधुनिकता की काली छाया

✍🏻 पार्थसारथि थपलियाल माना कि परिवर्तन अवश्यंभावी है, नदी के पानी में नहाते हुए स्पर्श होते ही पानी वही नहीं रह जाता जिसने अभी स्पर्श किया था। यह प्रवाह का परिवर्तन है। तालाब के पानी में ऐसा परिवर्तन नहीं होता। एक परिवर्तन बाँध वाले पानी…

ग्रे डिवोर्स: जेनरेशन एक्स में क्यों बढ़ रहे हैं देर उम्र के तलाक?

पूनम शर्मा अक्सर तलाक को युवा या मध्यम आयु वर्ग की समस्या माना जाता था, लेकिन अब यह धारणा टूट रही है। आजकल "ग्रे डिवोर्स"—यानी 50 साल से अधिक उम्र के लोगों के बीच होने वाले तलाक—का चलन तेजी से बढ़ रहा है, खासकर जेनरेशन एक्स (1965–1980…

उच्च न्यायपालिका में हिंदी के लिए बंद दरवाजा तोड़ना पड़ेगा

डॉ मोतीलाल गुप्ता 'आदित्य' राष्ट्रपति के आदेश 1960 में यह कहा गया था कि उचित समय आने पर सर्वोच्च न्यायालय की भाषा अंततः हिंदी होगी। इसी प्रकार उच्च न्यायालय के लिए भी कहा गया था कि उनकी भाषा उचित समय आने पर हिंदी अथवा राज्य की भाषा होगी।…