Browsing Category

व्यक्तित्व

पाथेय- भाग 1- जीवन आनंद की एक नई दृष्टि (7)

पार्थसारथि थपलियाल जीवन के हर क्षण को आनंदमय बनाएं- सह-सरकार्यवाह 14 जून 2022 का यह सत्र महत्वपूर्ण था, ज्ञानवर्धक और भारतीयता से भरपूर। माननीय डॉ. मनमोहन वैद्य जो वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह हैं, वे…

23 जून/जन्म-दिवस: कर्नाटक केसरी : जगन्नाथ राव जोशी

अजेय कुमार भारतीय जनसंघ के जन्म से लेकर अपनी मृत्यु तक सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अलख देश भर में जगाने वाले, कर्नाटक केसरी के नाम से विख्यात श्री जगन्नाथ राव जोशी का जन्म कर्नाटक के नरगुंड गांव में 23 जून, 1920 को हुआ था। उनके पिताजी पर उस…

राष्ट्रप्रथम- चोर नही चोर की माँ को पकड़ें

पार्थसारथि थपलियाल भारत मे अधिकतर लोगों को यह ज्ञान नही कि बताने, बोलने, कहने, चिल्लाने और भौंकने में शब्दों का ही अंतर नही बल्कि क्रिया का भी अंतर है, भावना और संस्कृति का भी अंतर है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (1) में वर्णित…

यादों के झरोखे से- ख्वाबों और खयालों से बनी तेरी तस्वीर

पार्थसारथि थपलियाल मेरे एक मित्र ने आज कल व्हाट्सएप पर लिखा- तस्वीर। मुझे नही मालूम कि वे मुझे क्या याद दिलाना चाहते थे, इतना मुझे याद था कि वे मेरे शब्द संदर्भ कॉलम के नियमित पाठक थे। तस्वीर शब्द पढ़ते ही मैं अचानक वर्ष 1992-93 की…

मिर्च-मसाला- रामपुर के आजम की निष्ठाएं किधर हैं?

त्रिदीब रमण  ’जब से पागल हवाओं ने हर छोटे-बड़े दीयों का काम तमाम किया है इस आदम के जंगल ने अपना कल इन जुगनुओं के नाम किया है’ सियासत की सीरत ही कुछ ऐसी है कि यहां असल वफादारी भी नैतिक दीवालियापन के अंतःपुर में बेशर्मी से पसरी…

जन्मदिन विशेष: साधारण युवक से क्रांतिकारी कैसे बने थे राम प्रसाद बिस्मिल, कैसा रहा आज़ादी का सफर

स्निग्धा श्रीवास्तव 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर शहर के खिरनीबाग मुहल्ले में पं. मुरलीधर की पत्नी मूलमती की कोख से जन्मे राम प्रसाद बिस्मिल अपने माता-पिता की दूसरी सन्तान थे। उनसे पूर्व एक पुत्र पैदा होते ही मर चुका था।…

श्रीगुरु जी और बन्दा बहादुर का मिलन (इतिहास निर्माण करने वाली घटना)

राजिंदर सिंह गुरु गोविन्द सिंह एक ऐसे सामर्थ्यवान् व्यक्ति की खोज करने लगे जिसको वे भावी नेतृत्व सौंप सकें। अपने दीवानों और सभासदों से विचार-विमर्श करने के बाद उन्होंने नान्देड़ के एक आश्रम में वर्षों से रह रहे वैरागी माधोदास को नेतृत्व…

राजधर्म- प्रधानमंत्री पद की कोचिंग से फिसलता उम्मीदवार

पार्थसारथि थपलियाल सच कहूँ, मुझे राहुल गांधी से व्यक्तिगत रूप से कोई परेशानी नही है। होनी भी नही चाहिए। परेशानी तब हो जब हमारा साझा खेत हो या साझी दुकान हो। या साझा काम हो। लेकिन जब से यह ज्ञान बढ़ा कि राहुल गांधी कोंग्रेस के पी एम…

वीर सावरकर..कहानी ऐसे स्वतंत्रता सेनानी की…जिनके प्रशंसक और निंदक दोनों समान रूप से है

स्निग्धा श्रीवास्तव वीर सावरकर यानि विनायक दामोदर सावरकर हिंदुत्वके प्रेमी तो थे ही साथ ही वे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रणेता भी थे। वे ऐसे व्यक्ति थे जिनके प्रशंसक और निंदक समान रूप से हैं। उनके समर्थक उन्हें हिंदू राष्ट्रवाद का शलाका…

अंग्रज़ों को उन्हीं की भाषा में दिया मुंह तोड़ जवाब..ऐसी थी कलकत्ता की रानी रासमणि

स्निग्धा श्रीवास्तव लगभग 200 साल तक हिंदुस्तान पर अंग्रेज़ों का राज रहा। इस दौरान देश की जनता ने बहुत कुछ देखा और झेला। बहुत से जवान शहीद हुए..ना जाने कितने लोगों ने महान काम किए जिनका जिक्र हम इतिहास में पढ़ते है लेकिन देश में ऐसे कई महान…