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व्यक्तित्व
21 अक्तूबर/पुण्य-तिथि: दिल्ली में सत्याग्रह की शान बहिन सत्यवती महावीर सिघंल
महावीर सिघंल
1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के समय दिल्ली में जिस वीर महिला ने अपने साहस, संगठन क्षमता एवं अथक परिश्रम से चूल्हे-चौके तक सीमित रहने वाली घरेलू महिलाओं को सड़क पर लाकर ब्रिटिश शासन को हैरान कर दिया, उनका नाम था बहिन सत्यवती।…
सुनो!! कान खोलकर…।। मैं मोहन पैदा हुआ था, मोहन ही मरा हूँ…
गिरीश पाण्डे
मैं मोहन पैदा हुआ था, मोहन ही मरा हूँ। महात्मा तुम्हारे बापों और दादों ने जबरन बना दिया। मुझे ना महात्मा बनना था, न राष्ट्रपिता, न राष्ट्रपति, न प्रधानमंत्री ..। हां, तुम्हारे बड़े - बूढों ने जो प्यार दिया था ,जब वो…
देश के सकारात्मक भविष्य के लिए विलक्षण संकेत- शास्त्री के मूल्यों की रक्षा करना
*गिरीश पाण्डे
आज लालबहादुर शास्त्री देश के अब तक के सबसे प्यारे और सादगी से ओतप्रोत ,राष्ट्र , जनता ( हम भारत के लोगों ) से और ज़मीन जुड़े हुए,किसानों और जवानों को महत्व देने/ दिलाने वाले सत्य और अहिंसा के साधक ( किंतु आत्म रक्षार्थ…
बिहार की वह वीरांगना जिसने महात्मा गांधी का पैर छूने से कर दिया था मना
समग्र समाचार सेवा
पटना, 02 अक्टूबर। अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजादी दिलवाने वाले, 'राष्ट्रपिता' महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की जयंती पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के बीच महात्मा गांधी सर्वमान्य थे।…
सरदार भगत सिंह जन्मदिवस: आजादी भारत के इस सपूत ने दिलाई चरखे ने नही
*नारद बघेली
"जिंदगी तो अपने दम पर ही जी जाती है..
दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं !"
सरदार भगत सिंह जी को पाश्चात्य और परजीवी इतिहासकारों ने आतंकवादी बताया है तो इन्हीं के स्वरों को साधते हुए शातिर वामपंथी…
25 सितंबर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर भारत माता के महान सपूत को कोटि- कोटि नमन
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25सितंबर। एकात्म मानववाद के प्रणेता जिसने जनसंघ को दिशा दी ऐसे भारत माता के महान सपूत पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर कोटि- कोटि नमन...
भारत के इस महान सपूत पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर…
राज्य को बेहतर दिशा में ले जाने की बजाय गर्त में ले जा रहे सीएम हेमन्त सोरेन
कृष्ण बिहारी मिश्र।
एक लोकोक्ति है – खाया-पीया कुछ नहीं, गिलास तोड़ा आठ आना, ठीक यही लोकोक्ति राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पर फिट बैठती है, उन्हें मिला था राज्य को बेहतर दिशा में ले जाने को, पर वे कर क्या रहे हैं, तो ऐसी-ऐसी बातें…
नेहरू की इतिहास-दृष्टि (भाग-1)
डॉ. शंकर शरण।
बहुतेरे विदेशी लोग, और बड़ी संख्या में भारतीय उच्च-शिक्षित लोग भी भारत में ब्रिटिश राज से पहले के शासन को सामान्यतः ‘मुगल शासन’ के रूप में ही जानते हैं। वे समझते हैं कि ब्रिटिश साम्राज्य वस्तुत: मुगल साम्राज्य का…
शत्-शत् नमन- इतिहास स्मृति, जलियांवाला के प्रतिशोधी ऊधमसिंह ..
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 20जुलाई। ऊधमसिंह का जन्म ग्राम सुनाम ( जिला संगरूर, पंजाब) में 26 दिसम्बर, 1899 को सरदार टहलसिंह के घर में हुआ था। मात्र दो वर्ष की अवस्था में ही इनकी माँ का और सात साल का होने पर पिता का देहान्त हो गया। ऐसी…
शत्-शत् नमन: जन्मदिवस, मंगल पाण्डे ..
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 20जुलाई। अंग्रेजी शासन के विरुद्ध चले लम्बे संग्राम का बिगुल बजाने वाले पहले क्रान्तिवीर मंगल पांडे का जन्म 30 जनवरी, 1831 को ग्राम नगवा (बलिया, उत्तर प्रदेश) में हुआ था। कुछ लोग इनका जन्म ग्राम सहरपुर (जिला…