Browsing Category
विचार
क्या आप जानते हैं कि हमारे देश व शहरों के असली नाम क्या थे
क्या आप जानते हैं कि हमारे देश व शहरों के असली नाम क्या थे?
🪔१. हिन्दुस्तान, इंडिया या भारत का असली नाम - आर्यावर्त्त !
🪔२. कानपुर का असली नाम - कान्हापुर !
🪔३. दिल्ली का असली नाम - इन्द्रप्रस्थ !
🪔४. हैदराबाद का असली नाम - भाग्यनगर !…
700 साल पहले इराक/अफगानिस्तान जैसी बर्बरता हमारे पूर्वजों ने भी झेली
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30अगस्त। करीब सात सौ साल पहले इराक/अफगानिस्तान जैसे हालात थे भारत में भी हम भले ही भूल जाए पर 700 साल पूर्व जो बर्बरता हमारे पूर्वजों से झेली वो कम नहीं थी। लेकिन दुख तो इस बात का है के अंधे और बहरे चमचों की…
मध्य प्रदेश डायरी- रवीन्द्र जैन
*रवीन्द्र जैन
मप्र मंत्रालय में पदस्थ एक ताकतवर एसीएस (अतिरिक्त मुख्य सचिव) स्तर के अधिकारी को मौजूदा कुर्सी से हटाने के लिये भोपाल जिला न्यायालय के एक आदेश का सहारा लिया गया है। इन एसीएस के खिलाफ मप्र लोकायुक्त ने 2009 में दवा खरीदी…
भारतीय परम्परा में बरखामासा- अरुण तिवारी
अरुण तिवारी ।
छब्बीस को परबा, 27 को दूज, 28 को तीज… अपनी अंगुलियों पर तिथि गिनते-गिनते दद्दा अपने छोटे बेटे पर अचानक ही बरस पड़े – ‘क्यों रे तीज सर पे आ गई और गांव वालों को कोई होश नहीं है। गर्मी और बरखा का इंतजाम हर बरस का काम है; इन्द्र…
महिलाओं का सम्मान, कभी नहीं करता तालिबान
जिया मंजरी
आखिरकार 20 वर्षों बाद अफगानिस्तान में बर्बर तालिबान युग की वापसी हो ही गई। किसने सोचा था कि मात्र 100 दिनों के अन्दर तालिबान अफगान सेना को घुटनों पर लाकर पूरे देश पर कब्ज़ा कर लेगा?अमेरिकी सेना की वापसी, तालिबान का काबुल की सड़कों…
जाति के आगे भी कभी सोच सकेगा ये देश ?
अजय बोकिल।
जब टोक्यो ओलम्पिक में हमारी महिला खिलाड़ी मेडल जीत रही थीं, तब भारत में एक दूसरा ओलम्पिक चल रहा था और यह था विजेता खिलाडि़यों की जाति तलाशने का। लोगों में होड़ सी मची थी कौन कितना और किस एंगल से गूगल करके जातियों के महासागर से…
भारतीय ज्ञान का खजाना- 10
प्रशांत पोळ
हमारे भारत में, जहां-जहां भी प्राचीन सभ्यता के प्रमाण मिले हैं (अर्थात नालन्दा, हडप्पा, मोहन जोदड़ो, तक्षशिला, धोलावीरा, सुरकोटड़ा, दायमाबाग, कालीबंगन इत्यादि), इन सभी स्थानों पर खुदाई में प्राप्त लोहा, तांबा, चाँदी, सीसा…
दुनिया के हिंदुओ जागो, एक हो ..
*आलोक लाहड
इस्लाम में एकमात्र करने योग्य कर्तव्य जिहाद है, और इस्लाम का एकमात्र उद्देश्य सारी दुनिया को इस्लामिक(गज़वा ए आलम) बनाना है, इन दोनों को निकाल देने पर इस्लाम में कुछ भी नहीं बचता है, बिल्कुल कुछ भी नहीं! ये बात हर गैर मुस्लिम को…
भारतीय ज्ञान का खजाना- 7
प्रशांत पोळ।
पिछले लेख में हमने भारत के पश्चिमी दिशा में भारतीय संस्कृति के पदचिन्ह खोजने का प्रयास किया था. ‘बेरेनाईक परियोजना’’ जैसे पुरातात्विक उत्खनन के माध्यम से, केल्टिक एवं यजीदी संस्कृति के प्रदर्शन एवं पश्चिम के अनेक संग्रहालयों…