Browsing Category

संस्कृति

राष्ट्रपति दिल्ली विश्वविद्यालय के 99वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज दिल्ली में दिल्ली विश्वविद्यालय के 99वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।

भारत को अधिक शक्तिशाली और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनुसंधान प्रतिष्ठान और स्टार्ट-अप बहुत महत्वपूर्ण…

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत को अधिक शक्तिशाली और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को नई गति प्रदान करने के लिए युवाओं से नवाचार करने, नवीनतम प्रौद्योगिकी विकसित करने और नई कंपनियां, अनुसंधान प्रतिष्ठानों और…

प्रधानमंत्री 25 फरवरी को सांस्कृतिक उत्सव ‘बरिसू कन्नड़ दिम दिमवा’ का उद्घाटन करेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 फरवरी, 2023 को सायं 5 बजे तालकटोरा स्टेडियम, दिल्ली में सांस्कृतिक उत्सव ‘बरिसू कन्नड़ दिम दिमवा’ का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र ने आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन की साइंस-20 बैठकों की तैयारियों के लिए उच्च…

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान); राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); प्रधानमंत्री कार्यलय में राज्यमंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने…

प्रधानमंत्री ने ‘आदि महोत्सव’ के प्रति व्यापक रूझान पर प्रसन्नता व्यक्त की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'आदि महोत्सव' में व्यापक रुचि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने यह प्रतिक्रिया लोकसभा सांसद डॉ. भोला सिंह के द्वारा गई ट्वीट्स की एक श्रृंखला के उत्तर में व्यक्त की जिसमें डॉ. भोला सिंह ने अपने आदि महोत्सव…

कला, भाषाई विविधता और क्षेत्रीय विशेषताओं को एक सूत्र में बांधती है: राष्ट्रपति मुर्मु

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (23 फरवरी, 2023) नई दिल्ली में साल 2019, 2020 और 2021 के लिए संगीत नाटक अकादमी की फैलोशिप (अकादमी रत्न) और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार) प्रदान किए।

प्रधानमंत्री ने प्रगति के 41वें संस्‍करण की अध्यक्षता की

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने केन्‍द्र और राज्य सरकारों को शामिल करते हुए प्रो-एक्टिव गवर्नेंस और समय पर कार्यान्वयन के लिए आईसीटी आधारित मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म, प्रगति के 41वें संस्करण की बैठक की अध्यक्षता की।

आओ कहानी सुने , घर बना खण्डहर

एक सेठ जी थे, जो दिन-रात अपना काम-धँधा बढ़ाने में लगे रहते थे। अपने शरीर का कोई ध्यान ही नहीं था, रोज की आपाधापी में कई बिमारियों से घीर गये थे, लेकिन उन्हें तो बस, शहर का सबसे अमीर आदमी बनना था। धीरे-धीरे पर आखिर वे नगर के सबसे धनी सेठ बन…

भ्रम नहीं पाले , विनम्र रहे !

एक बार नदी को अपने पानी के प्रचंड प्रवाह पर घमंड हो गया।नदी को लगा कि मुझमें इतनी ताकत है कि मैं पहाड़, मकान, पेड़, पशु, मानव आदि सभी को बहाकर ले जा सकती हूँ।