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संस्कृति
शिक्षा मंत्रालय देश भर में स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में भव्य तरीके से ‘जनजातीय गौरव…
केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में शिक्षा मंत्रालय देश भर के स्कूलों, कौशल संस्थानों और उच्च शिक्षण संस्थानों में भव्य तरीके से 'जनजातीय गौरव दिवस' मनाएगा।
विश्वामित्र -राजर्षि से कैसे बने ब्रह्मर्षि
विश्वामित्र का महर्षि वशिष्ठ से झगड़ा था। विश्वामित्र बहुत विद्वान थे। बहुत तप उन्होंने किया। पहले महाराजा थे, फिर साधु हो गये। वशिष्ठ सदा उनको राजर्षि कहते थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सिक्किम यात्रा, मुर्मू ने महिलाओं के साथ स्टेज पर किया पारंपरिक नृत्य
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को सिक्किम पहुंची। एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू स्थानीय लोगों के साथ कदम-ताल मिलाती नजर आईं।
सेंट्रल विस्टा पर ‘नारी सम्मान’ थीम के अंतर्गत राजा राममोहन राय के जीवन पर आधारित नृत्य रंगमंच का…
भारत की राजधानी दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ एवं इंडिया गेट (सेंट्रल विस्टा) पर 5 और 6 नवंबर, 2022 को आधुनिक भारतीय समाज के जन्मदाता कहे जाने वाले राजा राममोहन राय के जीवन पर आधारित एक नृत्य रंगमंच का आयोजन किया जाएगा।
संस्कृति : लोकमंथन (21)- लोक परंपराओं में संस्कार और कर्तव्य बोध-2
संस्कृति : लोकमंथन (21)- लोक परंपराओं में संस्कार और कर्तव्य बोध-2
संस्कृति : लोकमंथन (20)- लोक परम्पराओं में संस्कार और कर्तव्य बोध-1
संस्कृति : लोकमंथन (20)- लोक परम्पराओं में संस्कार और कर्तव्य बोध-1
अक्षय नवमी : वृक्षवाची, युगवाची पर्व- आंवला_नवमी
अक्षय नवमी : वृक्षवाची, युगवाची पर्व- आंवला_नवमी
अक्षय तृतीया और अक्षय नवमी क्या हैं ? जानें इसका महत्व है ?
अक्षय तृतीया और अक्षय नवमी क्या हैं ? जानें इसका महत्व है ?
संस्कृति : लोकमंथन (18)- भारत में कृषि एवं खाद्य परम्पराएं -3
हाल ही में 21 सितंबर से 24 सितंबर 2022 तक श्रीमंता शंकरदेव कलाक्षेत्र गोहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा तीसरे लोकमंथन का आयोजन किया गया। प्रस्तुत है लोकमंथन की उल्लेखनीय गतिविधियों पर सारपूर्ण श्रृंखलाबद्ध प्रस्तुति
संस्कृति : लोकमंथन (17)- भारत में कृषि एवं खाद्य परम्पराएं -2
( हाल ही में 21 सितंबर से 24 सितंबर 2022 तक श्रीमंता शंकरदेव कलाक्षेत्र गोहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा तीसरे लोकमंथन का आयोजन किया गया। प्रस्तुत है लोकमंथन की उल्लेखनीय गतिविधियों पर सारपूर्ण श्रृंखलाबद्ध प्रस्तुति)