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संस्कृति
मंथन- पंचनद : विमर्श का सांगोपांग मंथन (11)
पार्थसारथि थपलियाल
15 जून को जब सुबह सुबह की परिवह पवनें चलने लगी थी। (परिवह, आठ प्रकार की पवनों में से एक)। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय अतिथि गृह के पीछे मखमली दूब में स्वास्थ्य के प्रति सावधान प्रतिभागी अपने अपने आसान…
विजाग में बड़ी धूमधाम से मनाया गया भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का त्योहार
समग्र समाचार सेवा
विशाखापत्तनम, 3 जुलाई। पवित्र रथ यात्रा विशाखापत्तनम के दासपल्ला की सुंदर पहाड़ियों में जगन्नाथ मंदिर में बड़ी धूमधाम और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाई गई।
सभी धार्मिक अनुष्ठान सुबह से ही देवताओं के सामने अत्यंत…
नई दिल्ली में आध्यात्मिक उत्साह के साथ निकाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2 जुलाई। 44वां रथ यात्रा महोत्सव शुक्रवार को नई दिल्ली के हौज खास गांव में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के मुख्य जगन्नाथ मंदिर में धूमधाम और आध्यात्मिक उत्साह के बीच मनाया गया।
सभी धार्मिक अनुष्ठान सुबह के…
स्वामीनारायण संप्रदाय संस्कार, शिक्षण, स्वास्थ्य और व्यसन मुक्ति के क्षेत्रों में बहुत ही महत्वपूर्ण…
समग्र समाचार सेवा
अहमदाबाद, 2 जुलाई। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार 1 जुलाई को गुजरात मेंअहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर में मंगला आरती में शामिल होकर महाप्रभु जगन्नाथ जी का आशीर्वाद लिया।भगवान जगन्नाथ जी की पूजा अर्चना…
जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा शुरू: जानिये इस मंदिर से जुड़ी 10 रोचक बातें
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 1जुलाई। ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर की विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू हो चुकी है. जगन्नाथ मंदिर में जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण रूप में विराजमान हैं.हर साल आषाढ़ माह में अमावस्या के बाद उनकी रथ…
मंथन- पंचनद : विमर्श का सांगोपांग मंथन (5)
पार्थसारथि थपलियाल
पंचनद -क्षमता और दुर्बलता पर अध्यक्षीय संवाद
14 जून को पंचनद मंथन शिविर में पंचनद शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रोफेसर बृजकिशोर कुठियाला चतुर्थ सत्र के प्रस्तोता थे। प्रोफेसर कुठियाला वयोवृद्ध ऊर्जावान-युवा हैं। इस…
मंथन- पंचनद : विमर्श का सांगोपांग मंथन (4)
पार्थसारथि थपलियाल
वैचारिक युद्ध के नए आयाम- मा. जे. नंदकुमार
14 जून को तीसरे सत्र का विषय था वैचारिक युध्द के नए आयाम। विशेषज्ञ वक्ता थे मा. जे.नंदकुमार। जे.नंदकुमार जी मूल रूप से आदि गुरु शंकराचार्य की जन्मभूमि केरल में जाये…
मंथन- पंचनद : विमर्श का सांगोपांग मंथन (3)
पार्थसारथि थपलियाल
उद्देश्य का ज्ञान होने पर भी केवल आगे दौड़ने का मतलब यह है कि आप सिर्फ उद्देश्य के लिए दौड़ते रहे। जैसा कुछ किताबों को पढ़ने के बाद उत्तम स्मृति का प्रदर्शन सफल व्यक्ति की पहचान बन जाती है लेकिन गौर करने की बात तो यह भी…
हिमाचल और भारत में शतरंज को लोकप्रिय बनाने के लिए सब कुछ करेंगे- अनुराग सिंह ठाकुर
समग्र समाचार सेवा
धर्मशाला, 22जून। केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर बुधवार की सुबह पहली शतरंज ओलंपियाड मशाल रिले के धर्मशाला में ठहराव से जुड़े समारोह में मुख्य अतिथि थे। इस ऐतिहासिक मशाल रिले का शुभारंभ…
राष्ट्रप्रथम- अस्त्युत्तरस्यां दिशि देवतात्मा
पार्थसारथि थपलियाल
पुराणों में वर्णित केदारखंड (गढ़वाल) और मानसखंड (कुमाऊं) क्षेत्र को समग्र रूप में उत्तराखंड कहा जाता है। 1947 में अंग्रेज़ी शासन से मुक्ति के बाद ब्रिटिश गढ़वाल भारत संघ में मिल गया। 1949 में टिहरी नरेश मानवेन्द्र…