Browsing Category

जीजीएन विशेष

विश्व हिन्दू परिषद के अट्ठावन वर्ष और सामाजिक समरसता

हिन्दू समाज की एकता व अखंडता को तार-तार कर उसे जातिवादी, क्षेत्रवादी, भाषावादी व मत-पंथ-संप्रदाय वादी विभेदों में बाँट कर ही मुगलों ने और फिर अंग्रेजों ने भारत पर शासन किया। विपत्ति चाहे अनगिनत आईं किन्तु, यहाँ के बहुसंख्यक हिन्दू समाज में…

संस्कृति- गोत्र, प्रवर, वेद आदि

वैदिक संस्कृति में व्यक्ति की पहचान के लिए गोत्र, प्रवर, देवता, वेद, शाखा और सूत्र का ज्ञान होना आवश्यक था ताकि उसके मूल का पता चल जाए और उचित पहचान स्थापित की जा सके। उच्च वर्ग में इन सभी का उपयोग धार्मिक कार्यों में संकल्प के समय किया…

संस्कृति- परंपराओं के नैरेटिव का रत्ना शाह फंडा

इसी सप्ताह नागपंचमी का त्यौहार मनाया गया। सनातन संस्कृति को मानने वाले अनेक लोगों ने सर्पों की पूजा की, सांपों को दूध पिलाया। कहीं प्रतीकात्मक और कहीं वास्तविक। सावन में शिवजी का जलाभिषेक हो रहा है,, आनेवाले दिनों में रक्षा बंधन, हर छठ,…

राष्ट्रप्रथम- तिरंगे में छुपा स्वतंत्रता का असली मंत्र

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिकों का आह्वान किया है कि भारतीय स्वाधीनता के अमृतमहोत्सव (स्वाधीनता का 75वां वर्ष ) को हम स्मरणीय बनाएं। इसके लिए उन्होंने कहा कि 2 अगस्त से 15 अगस्त तक हम हमारे स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रतीक…

संस्कृति- चातुर्मास: पार्थसारथि थपलियाल

भारत देवभूमि है। इस देवभूमि में सनातन संस्कृति के अनुसार जीवन जीने की परंपरा रही है। गाँव मे जनसामान्य भी जानता है कि चौमासे में हमारी जीवनशैली क्या होनी चाहिए। खान पान में कई भोज्य निषेध हैं कई ग्राह्य हैं।

राष्ट्रप्रथम: भ्रष्टाचार बन गया शिष्टाचार

पशिम बंगाल के मंत्री पार्थो बनर्जी इन दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दायरे में हैं। प्रकरण सभी को मालूम है-शिक्षक भर्ती में धांधली के चलते उन्होंने अनाप सनाप भ्रष्टाचार किया। प्रभावित प्रत्याशी जब कोलकाता उच्च न्यायालय गए और उच्च न्यायालय…

दीदी के राज में ग़रीब बेहाल पर उनके नेता मालामाल, ये कैसी राजनीति, ये कैसा कमाल ?

स्निग्धा श्रीवास्तव कहा जाता है ना बाप बड़ा, ना भैय्या सबसे बड़ा रूपया.......और राजनीति ऐसी चीज है जिसमें कुछ मिले ना मिले घोटाले पैसा कमाने के रास्ते बहुत मिलते है। लेकिन जनता की मेहनत की कमाई को मंत्री इतनी आसानी से डकार मार लें ..यह…