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श्राद्ध और पितृपक्ष का वैज्ञानिक महत्व

श्राद्ध कर्म श्रद्धा का विषय है। यह पितरों के प्रति हमारी श्रद्धा प्रकट करने का माध्यम है। श्राद्ध आत्मा के गमन जिसे संस्कृत में प्रैति कहते हैं, से जुड़ा हुआ है। प्रैति ही बाद में बोलचाल में प्रेत बन गया। यह कोई भूत-प्रेत वाली बात नहीं है।…

GGN समूह के सम्पादकीय अध्यक्ष कुमार राकेश ने ब्रिटेन के लॉर्ड रामी रेंजर से की मुलाक़ात, भारत के…

GGN समूह के सम्पादकीय अध्यक्ष कुमार राकेश और लॉर्ड डॉ रामी रेंजर ने पीएम मोदी के विकास कार्यों की सराहना की

पितृपक्ष- आभार भाव प्रकटन की पंचबलि (4)

श्राद्ध उसी व्यक्ति का किया जाता है जिसनें पंचतत्वों से बनी देह रूप में जन्म लिया और उसकी मृत्यु हुए एक साल बीत चुका है। अर्थात उसकी बरसी हो चुकी है। उसके बाद जो पितृपक्ष आएगा, उस समय व्यक्ति की मृत्यु तिथि पर उस व्यक्ति का श्राद्ध मनाया…

भगवान् विश्वकर्मा जी के शुभ पर्व पर एक लघु समीक्षा

भगवान् विश्वकर्मा जी के शुभ पर्व पर आज एक अत्यंत निकट और प्रियजन के लिए आशीर्वचन पूर्वक एक लघु समीक्षा लिखता हूँ। यह समीक्षा डॉ त्रिभुवन सिंह जी की पूर्व प्रकाशित समीक्षात्मक पुस्तक के सापेक्ष है।

विश्वकर्मा : 100 शिल्प ग्रंथ प्रदाता

कलाएं कितनी हो सकती हैं? सब लोकोपयोगी हों। लोक उपयोगी सृजन से बड़ा कोई सृजन नहीं। सृजन श्रम, संघर्ष, समय को बचाने वाला और परिश्रम को सार्थक कर आजीविका देने वाला हो।