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53वें इफ्फी में ‘इन-कन्वर्सेशन’ सत्र में शामिल हुई दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता आशा पारेख

वर्ष 2020 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने के अपने अनुभव को साझा करते हुए, दिग्गज अभिनेत्री सुश्री आशा पारेख ने कहा कि एक लंबे समय के बाद एक महिला को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार को पाने पर अपने आश्चर्य और खुशी…

‘गुरुजन’ 15वीं-16वीं सदी के असमिया महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव को एक संगीतमय श्रद्धांजलि है- सुदीप्तो…

‘गुरुजन 15वीं-16वीं शताब्दी के असमिया महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव को एक संगीतमय श्रद्धांजलि है।’

केवल दो भगवान पूजनीय होते हैं- मौका और प्रकाश”: अनुभवी सिनेमैटोग्राफर अनिल मेहता

ये राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सिनेमैटोग्राफर, लेखक, अभिनेता और निर्देशक अनिल मेहता द्वारा "सिनेमैटोग्राफर के जीवन को परिभाषित करने वाले सिद्धांत" के रूप में साझा किए गए कुछ महत्वपूर्ण सूत्र हैं।

खुशहाल जिंदगी बिताने के लिए हर व्‍यक्ति को सहारे की जरूरत होती है: इफ्फी 53 फिल्म…

बहुत ज्‍यादा अधिकार जमाने वाला और बहुत ज्‍यादा रोक-टोक करने वाला एक बेटा अपने बुजुर्ग पिता पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश करता है। उसका मानना है कि वह जो भी कर रहा है, उसके पिता के लिए वही सबसे अच्छा है। उधर, उसके पिता अपने अधूरे सपनों को पूरा…

आईएफएफआई 53 इंडियन पैनोरमा फिल्म मेजर ने एनएसजी स्पेशल एक्शन ग्रुप कमांडो एवं 26/11 आतंकी हमले के…

दिनांक 26 नवंबर, 2008- एक ऐसा दिन जिसे कोई भी भारतीय कभी नहीं भूल सकता। एक ऐसा दिन जब भारत आतंकवादी हमलों से थर्रा उठा था जिसने उसकी वाणिज्यिक राजधानी मुंबई को हिलाकर रख दिया था।

उज्बेकिस्तान ने अपने देश में शूटिंग के लिए भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिए रेड कारपेट बिछाया

समग्र समाचार सेवा पणजी, 28नवंबर। उज्बेकिस्तान ने अपने देश में फिल्में बनाने के लिए भारतीय फिल्म निर्माताओं के साथ सहयोग करने की इच्छा जाहिर की है। मध्य एशियाई गणराज्य अपने देश में शूटिंग के लिए राष्ट्रीय और स्थानीय भाषा फिल्म उद्योग से…

यह फिल्म मेरे लिए बेहद खास है। इस फिल्म ने मुझे बहुत गहराई तक प्रभावित किया है: निर्देशक कार्लोस…

मैक्सिकन फिल्म रेड शूज (जापाटोस रोजोस) के निर्देशक कार्लोस एशेलमैन कैसर का कहना है कि यह फिल्म मेरे लिए बहुत खास है। इसने मुझे बहुत गहराई तक प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि किसी महोत्सव से अधिक यह कलाकारों की व्यक्तिगत यात्रा है, जो मेरे…

पुरुष मात्र संख्या भर नहीं हैं, बल्कि सम्मानित सजीव व्यक्ति हैं: निर्देशक क्लाउडिया सेंट-लूस

पुरुष मात्र संख्या भर नहीं हैं, बल्कि सम्मानित सजीव व्यक्ति हैं। धन बटोरने के चक्कर में लोगों का एक वर्ग इस तथ्य को भूल जाता है और अपहरण एवं मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में लिप्त हो जाता है। गोवा में 53वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म…

“यह गहन सामाजिक समस्या को मानवीय रूप से प्रस्‍तुत करने का मेरा प्रयास है”: निर्देशक सौरभ…

मानव तस्करी की शिकार यौनकर्मियों के बचाव और पुनर्वास पर आधारित सौरभ कांति दत्ता की वृत्‍तचित्र फिल्‍म फातिमा को भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के 53वें संस्करण में प्रदर्शित किया गया। यह वृत्‍तचित्र फिल्म इसी नाम की एक महिला…

ढोद्रो बनम और अस्थि बांसुरी जैसे आदिवासी संगीत वाद्ययंत्रों का उपयोग करके बनाए गए महानंदा के गीत…

“हम जिस चीज के लिए संघर्ष करते हैं वह भारत के वास्तविक लोगों के लिए है। वे शायद नहीं जानते हैं कि देश का राष्ट्रपति कौन है या कोलकाता या मुंबई कहां है, लेकिन ये भारत के असली लोग हैं।" लेखिका-सामाजिक कार्यकर्ता महाश्वेता देवी के जीवन पर…