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विश्लेषण

गोमुख के अद्धभुत रहस्य

गोमुख का मार्ग बहुत विकट है। सड़क तो क्या कोई पगडंडी भी नहीं है। ऊबड़ खाबड़ पड़े हुए पत्थरों पर चलना पड़ता है, वैसे अब कुछ दूर तक मार्ग बन गया है।

प्रभु पर अटल विश्वास ही परम शांति का मार्ग है

ईश्वर पर विश्वास सबसे ज्यादा जरूरी है या यह कहें कि ईश्वर पर विश्वास ही मनुष्य की परम शक्ति है। आपने देखा होगा कि बहुत बार ऐसा होता है लोग ईश्वर पर विश्वास होने का दावा तो करते हैं लेकिन वहीं यदि उनके साथ कुछ गलत हो जाए या उनकी सोच से अलग…

कलात्मक व्यंग का बेहतरीन उदाहरण है विवादित फिल्म ‘72 हूरें’…पिछले चार साल से डिब्बाबंद थी मूवी

'72 हूरें' टाइटिल ही ऐसा था कि थिएटर वाले रिलीज करने को तैयार नहीं थे, इसलिए ये मूवी पिछले चार साल से डब्बे में बंद पड़ी थी। कहा जाता है कि ओटीटी वाले भी मुस्लिमों की भावनाओं को आहत करने वाले टाइटिल की इस मूवी को रिलीज करने को राजी नहीं थे।

प्रेरक कहानी: भगवान की कृपा को समझिए

एक व्यक्ति काफी दिनों से चिंतित चल रहा था जिसके कारण वह काफी तथा तनाव में रहने लगा था। वह इस बात से परेशान था कि घर के सारे खर्चे उसे ही उठाने पड़ते हैं, पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के ऊपर है, किसी ना किसी रिश्तेदार का उसके यहाँ आना जाना…

गुजराती धोती

एक गुजराती मोटरसाइकिल से जा रहा था. उसकी मोटरसाइकिल एक आदमी के कुछ ज्यादा ही पास से गुजरी और उसकी धोती थोड़ी फट गई, तो उसने गुजराती का हाथ पकड़ लिया और बोला जाता कहां है मेरी धोती फाड़ के... धोती के पैसे दे. गुजराती बोला कितने की है...…

क्या फिर से रंग बदल सकते हैं नीतीश?

’तेरी सोहबत में ही तो मुझे इश्क का चस्का लगा है इस कदर ख्यालों में रहा कि आज चांद मेरी देहरी पर टंगा है’ यह बात किंचित सुनने में अटपटी लग सकती है कि विपक्षी एका के नए पुरोधा बन कर उभरे बिहार के सीएम नीतीश कुमार क्या एक बार फिर से…

रिश्तों की स्टेपनी

कल ही मुझे पता चला कि मेरी एक परिचित, जो दिल्ली में अकेली रहती हैं, उनकी तबियत ख़राब है। मैं उनसे मिलने उनके घर गया। वो कमरे में अकेली बिस्तर पर पड़ी थीं।

“मुस्लिम वक्फ बोर्ड Vs जिंदल ग्रुप और दूसरे केस”

बीते शुक्रवार को जिस दिन देश भर में मुस्लिमों द्वारा अलविदा नमाज पढ़ी जा रही थी... देश की सुप्रीम कोर्ट एक ऐसे अहम मामले में फैसला सुना रहा था..

तीन पुतले

महाराजा चन्द्रगुप्त का दरबार लगा हुआ था। सभी सभासद अपनी अपनी जगह पर विराजमान थे। महामंत्री चाणक्य दरबार की कार्यवाही कर रहे थे।