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विश्लेषण

यादों के झरोखे से- ख्वाबों और खयालों से बनी तेरी तस्वीर

पार्थसारथि थपलियाल मेरे एक मित्र ने आज कल व्हाट्सएप पर लिखा- तस्वीर। मुझे नही मालूम कि वे मुझे क्या याद दिलाना चाहते थे, इतना मुझे याद था कि वे मेरे शब्द संदर्भ कॉलम के नियमित पाठक थे। तस्वीर शब्द पढ़ते ही मैं अचानक वर्ष 1992-93 की…

मिर्च-मसाला- रामपुर के आजम की निष्ठाएं किधर हैं?

त्रिदीब रमण  ’जब से पागल हवाओं ने हर छोटे-बड़े दीयों का काम तमाम किया है इस आदम के जंगल ने अपना कल इन जुगनुओं के नाम किया है’ सियासत की सीरत ही कुछ ऐसी है कि यहां असल वफादारी भी नैतिक दीवालियापन के अंतःपुर में बेशर्मी से पसरी…

संस्कृति- तार तार होती संबंधों की मर्यादाओं की रिलेशनशिप

पार्थसारथि थपलियाल विभिन्न आकाशवाणी केंद्रों पर रेडियो ब्रॉडकास्टर के रूप में काम करते हुए अपनी सेवा के संध्या काल मे मेरा तबादला नागौर से दिल्ली हुआ। मैंने अपना कार्यभार प्रसारण भवन दिल्ली में (2011) संभाला। . लिव इन रिलेशन की सबसे…

चिंतन- संस्कृति का विकृत रूप

पार्थसारथि थपलियाल भारतीय चिंतन परंपरा में ईश्वर की उपस्थिति सर्वत्र मानी गई गई। ईशोपनिषद में कहा गया है कि "ईशावास्यमिदं सर्वं यदकिंचिदजगत्यां जगत" .. संसार की प्रत्येक वस्तु में ईश्वर का वास है। वैदिक संस्कृति में ईश्वर को ब्रह्म…

मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन

रवीन्द्र जैन भाजपा के परिवारवाद में कांग्रेस की घुसपैठ! मप्र में भाजपा ने परिवारवाद के खिलाफ जो मुहिम चलाई है कांग्रेस उसका फायदा उठाने आगे आ गई है। कांग्रेस ने अभी तक जिन तीन महापौर उम्मीदवारों के नाम तय किये, उन सभी का संबंध भाजपा…

राष्ट्रप्रथम- कश्मीर : सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है!

पार्थसारथि थपलियाल कश्मीर में जब भी कोई आतंकवादी घटना कारित होती है तो मीडिया से जानकारी मिलती है कि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। यह कभी नही सुना कि पहले से कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था को ढील कब दी गई? अगर सुरक्षा…

क्या हम हिंदी वाले खुश होना भी भूल गए हैं?

अजय बोकिल लगता है हम हिंदी वाले खुश होना भी भूल गए हैं। हिंदी कथाकार, उपन्यासकार गीतांजलि श्री के मूल हिंदी ‘रेत समाधि’ के अंग्रेजी में अनूदित उपन्यास ‘टूम ऑफ सेंड’ को मिले प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार की सुखद बयार भी आपसी तू- तू मैं-मैं,…

विश्‍व तंबाकू निषेध दिवस: क्या पर्यावरण को हो रहा तंबाकू से नुकसान?

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 31मई। 1988 से हर 31 मई को विश्‍व तंबाकू निषेध दिवस’ मनाया जाता है इस बार इसकी थीम है– ‘पर्यावरण की रक्षा करें, क्या है तंबाकू से पर्यावरण को नुक़सान?? इससे मिट्टी का क्षरण होता है और फसलों को नुकसान होता है।…

संस्कृति- राम तेरी गंगा मैली हो गई

पार्थसारथि थपलियाल जब से चारधाम यात्रा शुरू हुई तब से ऋषिकेश से चारधाम तक चर्चाएं ही चर्चाएं। चर्चा उनकी तो है ही जिनकी होनी चाहिए, लेकिन उनकी भी है जिनकी नही होनी चाहिए। अब भला कुत्ते के किस पुरखे का पिंडदान ब्रह्मशिला पर करना था कि…

व्यंग-विनोद-  त्वाडा कुत्ता टॉमी, साडा कुत्ता कुत्ता

पार्थसारथि थपलियाल कुत्ते की जात, कुत्ते की योनी, कुत्ते की नाक, कुत्ते की तरह भौंकना, कुत्ते की मौत, धोबी का कुत्ता घर का न घाट का, कुत्ते की वफादारी जैसी कितनी ही लोकोक्तियां और कहावतें समाज मे व्याप्त हैं। पहले कुत्ते घरों की…