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विश्लेषण
भारत के वैश्विक प्रभाव को बढ़ाने में समाचार एजेंसियों की भूमिका,देश को अत्याधुनिक एजेंसी की ज़रूरत
सचिन बुधौलिया।
विश्व की पहली समाचार एजेंसी का प्रादुर्भाव 19वीं सदी में हुआ था और समाचार एजेंसियों के इतिहास पर नज़र डालें तो यह साधन समाचारों के संप्रेषण का माध्यम होने के साथ साथ शासन के प्रभाव के विस्तार का भी एक सशक्त माध्यम…
मध्य प्रदेश डायरी – रवीन्द्र जैन
मजाक का विषय बने मंत्री जी
विदिशा कृषि उपज मंडी के सचिव का एक ऑडियो वायरल होने के बाद मीडिया और भाजपा संगठन में एक मंत्रीजी का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। ऑडियो में मंडी सचिव धारा प्रवाह गालियों के साथ बता रहा है कि मंत्रीजी ने 64 हजार…
‘शाप’ और ‘श्राप’ में सही शब्द कौन-सा है? क्या राजस्थान पत्रिका ने ग़लत लिखा?
राजीव शर्मा
‘शाप’ और ‘श्राप’ दो ऐसे शब्द हैं जो प्राय: भ्रमित कर देते हैं। आमतौर पर लोग ‘श्राप’ लिखते हैं। बातचीत में भी ‘श्राप’ शब्द का इस्तेमाल होता है। आज (21.12.2021) राजस्थान पत्रिका (जयपुर संस्करण) में छपी एक ख़बर ने मेरा ध्यान इस…
पार्टी में अपने विरोधियों को कैसे चित्त किया हरीश रावत ने
“जब से तेरा ऐतबार किया है
एक ही जुर्म सौ बार किया है”
हरीश रावत की सियासी बाजीगरी ऐन वक्त काम आ गई, कभी दर्देदिल को जुबां देते उन्होंने अपने हाईकमान से शिकायत की थी कि ‘उनके हाथ-पैर बांध कर समुद्र में उनसे तैरने को कहा जा रहा है।…
मध्य प्रदेश डायरी – रविंद्र जैन
* भागवत से सहमत मुस्लिम अफसर
मप्र मंत्रालय में पदस्थ उपसचिव स्तर के अधिकारी नियाज खान कई कारणों से चर्चा में रहते हैं। कभी अंडरवर्ल्ड पर उपन्यास लिखने की अनुमति मांगने, कभी अपने वरिष्ठ आईएएस से सीधे टकराने, कभी अंतरराष्ट्रीय…
क्या ऐसे नेता बनेंगे राहुल?
"तू सूरज है तो रौशनी बन कर बिखर क्यों नहीं जाता
शाम ढलते ही लौट कर अपने घर क्यों नहीं जाता"
राहुल गांधी को नेता साबित करने की मशक्कत जारी है, उनके इकबाल के ऐलान से सियासी रंग मंच गुंजायमान है। गाहे-बगाहे ऐसा कुछ दिख ही जाता है जब वे…
मध्य प्रदेश डायरी -रवीन्द्र जैन
* कलेक्टर के हटने पर जले घी के दीपक
मप्र के इतिहास में शायद पहली बार किसी कलेक्टर के हटने पर आम लोगों ने घी के दीपक जलाए और पूरे शहर में आतिशबाजी कर खुशी मनाई। छतरपुर कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह को लेकर भारतीय जनता पार्टी दो खेमों में बंट…
किसानों ने समझा दिया आंदोलन का असली मतलब
’दहकता सूरज हूं छोड़ के अपने छांव जा रहा हूं
तुझे बस इतना बता के अपने गांव जा रहा हूं’
साल भर से लंबे समय से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलनरत रहे किसान अपने-अपने घरों को लौटने लगे हैं, डीजे और जीत के जश्न में अपनों को खोने का जिंदा अहसास…
मध्य प्रदेश डायरी – रवीन्द्र जैन
मंत्री पीएस मेें टकराव की आशंका!
राज्य सरकार ने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को उनकी इच्छा के विरूद्ध एक महिला मंत्री के विभाग का प्रमुख सचिव बना दिया है। महिला मंत्री के बारे में आम चर्चा है कि उनकी अनेक विभाग के अधिकारियों से पटरी नहीं…
कांग्रेस के गले की फांस बनी 12 दिसंबर की रैली
त्रिदीब रमण।
’नासमझ सन्नाटों को कुछ यूं डपटा बोलती हवाओं ने
झन्न से टूट कर बिखर गए लफ्ज़ जो कैद थे फिज़ाओं में’
कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को जब से पार्टी ने आंदोलन कमेटी की बागडोर सौंपी है उनका विद्रोह फिर से आकार लेने लगा है,…