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विश्लेषण

लाल किले पर केसरिया

अजय सेतिया। गणतंत्र दिवस पर जो कुछ दिल्ली में हुआ , वह होना ही था, इसके संकेत शुरू से मिल रहे थे । 26 नवंबर को हरियाणा से गुजरते हुए पंजाब के किसानों ने पुलिस के बैरिकेड तोडते हुए जो तांडव दिखाया था , वह संकेत काफी था । इससे पहले जिस तरह…

रिहाना और राहुल की समानता

अजय सेतिया। आंदोलनकारी किसान अब थकने शुरू हो गए हैं। हाईवे और इंटरनेट बंद होने से जनता परेशान है , तो 26 जनवरी के बाद यूपी, हरियाणा सरकारों की सख्ती से किसानों का हगना मूतना भी मुश्किल हो गया है | उन्हें खुले में शौच करना पद रहा है |…

हर एक आंदोलन कुछ बयां करता है

सुनील अग्रवाल।  भारत में हर एक आन्दोलन कुछ बयां करता है। देश में कुछ ऐसे विकृत मानसिकतावादी तत्व हावी होते जा रहे हैं,जिनका मकसद देश में अराजकता फैलाना रहा है। सीएए के नाम पर आन्दोलन का हश्र क्या हुआ। आन्दोलन के नाम पर दिल्ली को दंगे की…

संकट के दर्द से सबक वाला, चंगा मन की दवा है; निर्मला का निर्मल बजट

गोविन्द मालू मन चंगा तो कठौती में गंगा वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए केंद्रीय बजट ने स्वास्थ्य और सेहत को अपनी मूल आत्मा बनाकर भारत के नागरिकों की सुरक्षा को शीर्ष पर रखा है। स्वास्थ्य, यातायात, सड़क, पर्यावरण और कृषि को इस बजट नें…

नीतीश का तुगलकी फरमान, अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रहार

सुनील अग्रवाल भागलपुर, (बिहार)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तुगलकी फरमान ने सोशल मीडिया पर लिखने वालों के अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से चोट पहुंचाने का काम किया है। इससे लोगों में सरकार के प्रति रोष बढ़ना लाजिमी…

स्मार्ट गाँव क्यों नहीं ⁉️

डॉ कमल टावरी दोस्तों ! मेरा नाम डॉक्टर कमल टावरी है और मैं अभी 75 साल की उम्र में आ रहा हूँ। अपना जो प्लानिंग कमीशन है, जिसका नाम है नीति आयोग और इसके अलावा भारत सरकार के अलग-अलग डिपार्टमेंट में काम कर चुका हूँ। किताबें लिखी हैं और…

शिखंडी किसान आंदोलन की आड़ में भारत विरोधी ताक़तों का देश पर हमला

*राकेश तिवारी वर्तमान युग के सर्वज्ञ गूगल बाबा से पता चला है कि भारत में जारी किसान आंदोलन विगत ठीक 9 अगस्त 2020 को शुरू हुआ है और मीडिया की कृपा से आगे भी जारी रहेगा, जब तक इससे भी कोई बड़ा मुद्दा ना आ जाए। यह मीडिया की ही…

कौन है ये, जिन्होंने देश का झंडा झुका दिया??

*डॉ विजय जौली भारत के 72वें गणतन्त्र दिवस पर कौन है ये ? जिन्होंने गणतंत्र दिवस पर देश का झंडा झुका दिया । कौन है ये ? जिन्होंने शांति पथ पर लहू जवानों का बिखरा दिया । कौन है ये ? गरीबो का वेश धर आतंकी बन, जिन्होंने किसानों…

किसान-आंदोलन की आड़ में देश द्रोह की साज़िश ??

*कुमार राकेश**-- किसान आन्दोलन के नाम पर 26 जनवरी 2021 को दिल्ली में जो हुआ,उसकी जितनी निन्दा की जाये,वो कम है.देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ,जब किसी आन्दोलन के नाम पर देश के शौर्य स्थल लाल किला पर देश का अपमान किया गया.जहाँ देश…