Browsing Category

विश्लेषण

अलविदा 2020- साल 2020 में जनता की सेवा कर इन अफसरों ने खूब कमाए नाम

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 30दिसंबर। कोरोना महामारी के कारण साल 2020 भारत ही नहीं सारे दुनिया के लिए कष्टदाई साबित हुआ। कोरोना के कारण जहां एक तरफ सारा देश डर और भय के कारण अपने घरों में बन्द रहा वहीं देश के कई धुरंधरों ने घर से बाहर…

ट्वॉयलेट पेपर बिन सब सून

सुदेश गौड़। पिछले दिनों उत्तरपूर्वी अमेरिका में बर्फ़बारी की चेतावनी दी गई। आम अमेरिकी के लिए इस चेतावनी का मतलब होता है-जब तक जरूरी न हो घर से न निकलें व कुछ दिनों का रोज़मर्रा का जरूरी सामान लेकर अपने घर में जमा कर लें। अमूमन ऐसी…

तीन नये कृषि कानूनों का एक विश्लेषण

जया मेहता। पिछले अनेक वर्षों से भारत में कृषि अर्थव्यवस्था के गहरे संकट में फँसे होने की ख़बरें सुर्ख़ियों का हिस्सा बनती रहीं। यह बहुत दुखद है कि अपनी संकटपूर्ण स्थिति को दुनिया के सामने दर्ज करने के लिए पिछले क़रीब ढाई दशक में पाँच लाख…

जगदंबी प्रसाद यादव स्मृति अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी- हिन्दी को प्यार ही नहीं व्यवहार की आवश्यकता

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 6 दिसंबर। जगदंबी प्रसाद यादव स्मृति संस्थान, अंतरराष्ट्रीय हिंदी परिषद् तथा अखिल भारतीय नागरी लिपि परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में राजभाषा, नागरी लिपि एवं भारतीय संस्कृति पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं…

मानव अधिकारों को कुचलने वाला ‘वामपंथी चीन’ – प्रशांत पोळ

आज दस दिसंबर को ‘विश्व मानव अधिकार दिवस’ हैं. द्वितीय विश्व युध्द समाप्त होने के पश्चात, संयुक्त राष्ट्रसंघ का गठन हुआ. और इसके अपने प्रारंभिक बैठकों में ही विश्व में मानवाधिकारों का मुद्दा उठा. दिनांक १० दिसंबर १९४८ की, संयुक्त राष्ट्र संघ…

लाशों की ढ़ेर पर खड़ा है पाकिस्तान, कांग्रेस एक ही परिवार के चार सदस्यों की पार्टी…

सुनील अग्रवाल भागलपुर, बिहार। पंडित जवाहरलाल नेहरू के गलत नीतियों की देन है पाकिस्तान। खुद के स्वार्थ सिद्धि के लिए नेहरू ने पाकिस्तान बनवा दिया। इसके लिए लाखों हिन्दुओं और मुस्लिमों का कत्लेआम किया गया,तब कहीं जाकर पाकिस्तान बना।…

कहो तो कह दूँ = धिक्कार हैं भारत के ‘रिश्वतखोरो’ सिर्फ ‘एशिया टॉप’ कर पाए

चैतन्य भट्ट। भारत के तमाम रिश्वतखोरो तुमको धिक्कार है, कब से मेहनत कर रहे हो पर अभी तक रिश्वतखोरी के मामले में सिर्फ एशिया में ही अव्वल आ पाए हो, हर चीज में रिश्वत, हर सरकारी दफ्तर में रिश्वत, उसके बाद भी अभी तक विश्वविजेता नहीं बन पाए,…

कमिश्नर, आईपीएस की काबिलियत पर सवालिया निशान……

इंद्र वशिष्ठ वकीलों से पिटने वाली पुलिस महामारी के भयंकर संकट के दौर में भी अन्नदाता पर जाडे में पानी की बौछार, आंसूगैस और डंडे चला कर अपनी बहादुरी दिखाने में लगी हुई है। इस दौर में भी पुलिस का पारंपरिक संवेदनहीन चरित्र और चेहरा…

आंदोलनों के नाम पर सरकारी व निजी सम्पत्तियों का नुकसान क्यों ?

*मनीषा सिंह और कब तक ? क्यों ? किसलिए ? क्यों आरक्षण ?कभी जाति के नाम पर ये रास्ता रोको आन्दोलन तो कभी ओछी राजनीति के नाम पर ? क्यों ? क्योंकि आरक्षण व अन्य मांगो को लेकर शुरू गयी की जन मानस की जंग हर बार राजस्थान ही नहीं पूरे देश को…

स्मृति शेष…आदरणीय मृदुला जी,अब सिर्फ आपकी यादें ही हमें ऊर्ज़ान्वित करती रहेंगी…

*कुमार राकेश वर्ष 2020 किसी के लिए बेहतर नहीं रहा .पता नहीं,ईश्वर को क्या मंज़ूर हैं .आज देश की प्रख्यात साहित्यकार,बिहार गौरव व गोवा की पूर्व राज्यपाल श्रीमती मृदुला जी सिन्हा हम सबको छोड़कर चली गयी.कई सालो का सम्पर्क.कई बार उनका…