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स्तम्भ

विश्व हिन्दू परिषद के अट्ठावन वर्ष और सामाजिक समरसता

हिन्दू समाज की एकता व अखंडता को तार-तार कर उसे जातिवादी, क्षेत्रवादी, भाषावादी व मत-पंथ-संप्रदाय वादी विभेदों में बाँट कर ही मुगलों ने और फिर अंग्रेजों ने भारत पर शासन किया। विपत्ति चाहे अनगिनत आईं किन्तु, यहाँ के बहुसंख्यक हिन्दू समाज में…

कांग्रेस अब और नहीं, भारत के लिए भाजपा ही एक मात्र विकल्प..!!!

*कुमार राकेश भारत और कांग्रेस कभी एक दुसरे के पूरक थे,अब नहीं है और रहेंगे भी नहीं.ये समय की मांग है.समय की सोच है.समय की जरुरत है.समय तेजी से बदल रहा है.भारत भी बहुत तेजी से बदल रहा है.कई मामलो में भारत विश्व के कई विकसित देशो से…