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स्तम्भ

चुनावी तारीखों से ममता दीदी गुस्से में, तो भाजपा व अन्य दल मुस्कुराये …

*कुमार राकेश केन्द्रीय चुनाव् आयोग द्वारा पांच राज्यों में विधानसभा चुनावो की घोषणा से तृणमूल कांग्रेस उग्र हैं,जबकि भाजपा व अन्य दलों में शांति  हैं.इस शांति व उग्रता के उहापोह में तृणमूल कांग्रेस की सर्वेसर्वा ममता बनर्जी काफी…

कोयला और गौ तस्करी के सहारे बनेगी बंगाल में नई सरकार?

सुनील अग्रवाल। चुनावी सरगर्मियों के बीच बंगाल में सत्ता पर काबिज होने वास्ते भाजपा बनाम तृणमूल कांग्रेस आर-पार की लड़ाई के मुड में दिखती हैं। दोनों के तेवरों को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि अन्य चुनावों की तुलना में इस बार का चुनाव अहम…

गुलाम नबी आजाद के लिए पीएम मोदी का प्रेम या घड़ियाली आंसू?

शकील शकील अख्तर। राहुल गांधी का साहस वृथा है अगर वे अपने घर के विभीषणों की सफाई नहीं कर पा रहे हैं! अगर उन्हें पार्टी की कमान संभालना है तो फिर उन शल्यों को दूर करना पड़ेगा जो रात दिन उनका साहस तोड़ने और प्रधानमंत्री मोदी का शौर्यगान करने…

गिरिराज के प्रहार से राहुल की बोलती बंद,कांग्रेस परेशान ,भाजपा बम बम!!!

*कुमार राकेश देश में मत्स्य मंत्रालय के अस्तित्व से जुड़े मसले पर केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के खिलाफ आक्रामक मुद्रा में हैं.उनके आक्रामक हमले से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी बचाव…

विरोधियों की विदाई के हीरो बने मोदी

अजय सेतिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ अपना हुलिया नहीं बदला , मिजाज भी बदल लिया है | पिछले दो दिन से राज्यसभा में बदले बदले से नजर आए | सोमवार को जब राष्ट्रपति के अभिभाषण का जवाब देते हुए वह कृषि कानूनों की वकालत कर रहे थे , तो…

मशहूर शायर निदा फाजली की पुण्यतिथि पर याद कर रहे हैं जयराम शुक्ल

जयराम शुक्ल निदा साहब को इस दुनिया से रुखसत हुए आज के दिन पाँच साल पूरे हो गए। निदा साहब गजल और शायरी को कोठे की रूमानियत से निकालकर खेत, खलिहान में गेहूं, धान, और आंगन में तुलसी के बिरवा की तरह रोप गये। उनके आदर्श मीरोगालिब नहीं बल्कि…

लाल किले पर केसरिया

अजय सेतिया। गणतंत्र दिवस पर जो कुछ दिल्ली में हुआ , वह होना ही था, इसके संकेत शुरू से मिल रहे थे । 26 नवंबर को हरियाणा से गुजरते हुए पंजाब के किसानों ने पुलिस के बैरिकेड तोडते हुए जो तांडव दिखाया था , वह संकेत काफी था । इससे पहले जिस तरह…

रिहाना और राहुल की समानता

अजय सेतिया। आंदोलनकारी किसान अब थकने शुरू हो गए हैं। हाईवे और इंटरनेट बंद होने से जनता परेशान है , तो 26 जनवरी के बाद यूपी, हरियाणा सरकारों की सख्ती से किसानों का हगना मूतना भी मुश्किल हो गया है | उन्हें खुले में शौच करना पद रहा है |…

हर एक आंदोलन कुछ बयां करता है

सुनील अग्रवाल।  भारत में हर एक आन्दोलन कुछ बयां करता है। देश में कुछ ऐसे विकृत मानसिकतावादी तत्व हावी होते जा रहे हैं,जिनका मकसद देश में अराजकता फैलाना रहा है। सीएए के नाम पर आन्दोलन का हश्र क्या हुआ। आन्दोलन के नाम पर दिल्ली को दंगे की…