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स्तम्भ
“अंतिम दिनों जयप्रकाश जी बहुत निराश थे.” – शिवानन्द तिवारी
नई दिल्ली, 9अक्टूबर।
आज जयप्रकाश जी की पुण्यतिथि है. उनकी मृत्यु के तीन या चार दिन पहले उनसे मिला था. ऊपर वाले बरामदे में गंगा बाबू यानि गंगा शरण सिंह जी या किशोरी प्रसन्न सिन्हा, इन दोनों में से कोई उनके साथ बैठा था. ठीक से स्मरण नहीं…
दलितों-पिछडों को लुभाने में लगी भाजपा
2019 के लोकसभा चुनाव में चंद महीने ही रह गए हैं। विकास को अपना चाल, चरित्र और चेहरा बताने वाली बीजेपी की मोदी सरकार तुष्टिकरण की राजनीति पर उतर आई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए भाजपा सरकार ने एससी/एसटी एक्ट संशोधन बिल लोकसभा…
ब्याजखोरों को रोकने में नाकाम सरकार, आत्महत्या करता किसान
देश में किसानों और गरीबों की आत्महत्याएं रोकने के लिए कर्जमाफी उतनी असरदार इसलिए साबित नहीं होगी क्योंकि सरकार, सरकारी बैंकों का कर्जा तो माफ कर सकती है, लेकिन उन किसान का क्या जो ब्याजखोरों के जाल में हैं? उन पर मूल से कई गुना ज्यादा ब्याज…
नर्मदा नदी की दुख व्यथा
इसे आप शोकगीत की तरह पढ़ सकते हैं। मैं नर्मदा हूं। भारत की प्रमुख नदियों में से एक। पुराणों के मुताबिक मुझे प्राचीनकाल से पूजा जाता है। वेदों में मेरे बारे में लिखा गया है- ‘गंगा में सौ बार स्नान के पुण्य से ज्यादा नर्मदा के दर्शन मात्र का…
पाकिस्तान की नई सरकार क्या अपने वादों पर खरी उतर पाएगी?
पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री को यह मौका मिल रहा है वह चाहे तो पाकिस्तान का इतिहास बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह बात अब उस नयी शख्सियत पर निर्भर रहेगी कि वह पाकिस्तान की बरसों पुरानी रवायत बदलकर कुछ नया कर दिखाए या फिर…