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विश्लेषण

मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन

मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन बेटे की गुंडागर्दी से पिता का टिकट कटना तय! मप्र भाजपा का यह पहला उदाहरण होगा जब बेटे की गुंडागर्दी के कारण भाजपा विधायक का टिकट कटना तय माना जा रहा है। सिंगरौली के विधायक रामलल्लू वैश्य का बेटा…

दिल्ली सेवा बिल क़ानून बना और केजरीवाल का केज़रीयल का विधवा विलाप…..

*राकेश शर्मा दिल्ली का सेवा बिल संसद के दोनो सदनों में पास होकर अब क़ानून बन गया। इसके राज्य सभा में पास होते ही पूरे देश ने केजरीवाल की रुदाली टीवी पर देखी। यह रुदाली इसलिए नहीं थी की बिल संसद के दोनो सदनों में पास हो गया बल्कि…

कांग्रेस की ये कैसी मोहब्बत ??

*कुमार राकेश कांग्रेस पार्टी ने एक ट्वीट किया है.उस ट्वीट में कांग्रेस के राज दुलारे “राहुल गाँधी और बुलडोज़र” के स्केच दिखाए गए हैं .उस ट्वीट में लिखा गया है -नफरत के  खिलाफ मोहब्बत का एक योद्धा-मतलब –नफरत कौन फैला रहा है ? जो मर…

मिर्च-मसाला- जाति ही पूछो साधो की

त्रिदीब रमण ’जब इसां की अपनी पहचान पर वोट चस्पां हो जाता है उसकी सूरत मिट जाती है, वह एक गिनती रह जाता है’ एक पुरानी तुर्किश कहावत है-’जंगल कट रहे थे, फिर भी सारे पेड़ कुल्हाड़ी को ही वोट दे रहे थे, क्योंकि पेड़ सोच रहे थे कि कुल्हाड़ी…

राहुल गांधी फैसले पर संक्षिप्त टिप्पणी

बेंच ने माना कि मोदी पर टिप्पणी के लिए राहुल गांधी को दी गई दो साल की जेल की सजा अत्यधिक और तर्कहीन थी आज, सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में 'मोदी सरनेम' टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी।

राहुल गांधी को राहत देने वाले जज गवई के पिता-भाई कांग्रेसी, नैतिकता का हनन या न्याय की जीत

आचार्य विष्णु हरि सरस्वती। राहुल गांधी की राहत पर प्रश्न चिन्ह भी लगे हैं, कोई न्याय कह रहा है तो कोई नैतिकता का प्रश्न भी उठा रहा है। लोकतंत्र में सबको अपने-अपने विचार रखने की आजादी है। फिलहाल कांग्रेस को संजीवनी तो जरूर मिली हुई है,…

अमित शाह के दौरे ने भाजपा को उत्साहित कम किया, डराया ज्यादा!

इस बार का विधानसभा चुनाव कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए कांटा-जोड़ होने के साथ प्रतिष्ठा की लड़ाई भी है। भाजपा के सामने बड़ी चुनौती अपने आदिवासी वोट बैंक को बचाकर खोई सीटें फिर पाने की है।

क्रोध से दूर रहे !

एक संत भिक्षा में मिले अन्न से अपना जीवत चला रहे थे। वे रोज अलग-अलग गांवों में जाकर भिक्षा मांगते थे। एक दिन वे गांव के बड़े सेठ के यहां भिक्षा मांगने पहुंचे। सेठ ने संत को थोड़ा अनाज दिया और बोला कि गुरुजी मैं एक प्रश्न पूछना चाहता हूं।

अपना एमपी गज्जब है 98: सरकार के आदिवासी प्रेम की असलियत…

3 अगस्त 2023 ,दिन गुरुवार! भोपाल शहर के लोग सुबह जब तैयार होकर घरों से निकले तो उन्होंने पाया कि उनके मोहल्लों की सड़कों पर बैरिकेड लगे हुए हैं।रास्ता बंद है और बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है।

टुकडे टुकडे पाकिस्तान / ४

टुकडे टुकडे पाकिस्तान / ४ पहला टुकड़ा - पूर्वी पाकिस्तान / ३ - प्रशांत पोळ पाकिस्तान बनने का मूलाधार रही मुस्लिम लीग, पाकिस्तान बनने के बाद से ही बिखरने लगी. १९४९ में ढाका में, मुस्लिम लीग से टूट कर एक समूह ने ‘ऑल पाकिस्तान अवामी…