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विश्लेषण

आरबीआई का दावा कि ₹2,000 के 88% नोट बैंकों में वापस आ गए 

*राजेश कुमार सिंह देश के तमाम बैंकों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आरबीआई ने दावा किया है कि 31 जुलाई, 2023 तक प्रचलन से वापस लौट चुके ₹2,000 के बैंक नोटों का कुल राशि ₹3.14 लाख करोड़ रूपये है। रिजर्व बैंक ने अपने ताजा रिपोर्ट में 1…

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले राज्यसभा ने मणिपुर पर अल्पकालिक चर्चा को मंजूरी, पर…

*संसद भवन, नई दिल्ली से राजेश कुमार सिंह कई हफ्ते हंगामा की बलि चढ़ने के बाद राज्यसभा ने मणिपुर हिंसा पर व्यापक चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी रहा । आखिरकार राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मणिपुर पर अल्पकालिक चर्चा के…

1950 के बने कानूनों के साथ मज़हब आधारित क़ानूनों को बदले बग़ैर देश में शांति मुश्किल

*अश्विनी उपाध्याय  कश्मीर जला, बंगाल जला, असम जला, दिल्ली जला, मेघालय जला, मणिपुर जला, केरल जला, बिहार जला............* नियम कानून नहीं बदला इसलिए अब हरियाणा जल रहा है हजारों बार कह चुका हूं और आज फिर कह रहा हूं *निंदा करने…

  नूँह की घटना दर्दनाक ही नहीं , शर्मनाक भी…..

*राकेश शर्मा कुछ दिनों से मन बहुत व्यथित और विचलित है। मेरे देश को क्या हो गया है , हम कहाँ जा रहे हैं , क्या १९४७ दोहराया जा रहा है और हम मूकदर्शक बने एक और विघटन का हाथ पर हाथ धरे इंतज़ार कर रहें है। कुछ लोगों को यह कथन असहज लग…

सिक्किम के राज्यपाल ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 2अगस्त।सिक्किम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया; "सिक्किम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने PM @narendramodi से…

मेवात – हिंदुस्तान के अंदर का पाकिस्तान

देश की संसद से मेवात की दूरी 100 किलोमीटर से भी कम है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जहां हरियाणा के गुड़गांव शहर की सीमा खत्म होती है, वहीं से मेवात जैसे इलाकों की सीमा शुरू होती है और इन इलाकों में अक्सर देश की संसद द्वारा बनाए गए कानून…

मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन

मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन खाकी से खादी को ओर! मप्र के पुलिस अफसरों में अचानक खाकी छोड़कर खादी पहनने का शौक बढ़ता जा रहा है। मप्र के तीन आईपीएस अफसर विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं। एक राज्य पुलिस सेवा के अफसर ने भी…

आज का प्रेरक प्रसंग – विश्वास की जीत

एक बार एक गांव में एक सज्जन पुरूष रहते थे, वे बहुत ही दयालू तथा हृदय ग्राही थे, किसी को भी कभी अपशब्द नहीं कहते थे। जो भी उनके घर आता वे अच्छे से उसका आथित्य सत्कार करते। लोग उनसे सलाह मशविरा लेने आया जाया करते थे।

‘प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र’ किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है

जहां भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं इस 'अमृत काल' में देश चारों ओर विकास की समृद्ध राह पर चल रहा है। देश के किसान जो देश की अर्थव्यवस्था के कान हैं, उन्हें भी इस विकास यात्रा का साक्षी बनना चाहिए, मुख्यधारा बनना चाहिए।