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विश्लेषण

रिश्तों की स्टेपनी

कल ही मुझे पता चला कि मेरी एक परिचित, जो दिल्ली में अकेली रहती हैं, उनकी तबियत ख़राब है। मैं उनसे मिलने उनके घर गया। वो कमरे में अकेली बिस्तर पर पड़ी थीं।

“मुस्लिम वक्फ बोर्ड Vs जिंदल ग्रुप और दूसरे केस”

बीते शुक्रवार को जिस दिन देश भर में मुस्लिमों द्वारा अलविदा नमाज पढ़ी जा रही थी... देश की सुप्रीम कोर्ट एक ऐसे अहम मामले में फैसला सुना रहा था..

तीन पुतले

महाराजा चन्द्रगुप्त का दरबार लगा हुआ था। सभी सभासद अपनी अपनी जगह पर विराजमान थे। महामंत्री चाणक्य दरबार की कार्यवाही कर रहे थे।

महामृत्युंजय मंत्र के 33 अक्षर है 33 कोटि देवताओं के द्योतक…

महामृत्युंजय मंत्र के 33 अक्षर हैं जो महर्षि वशिष्ठ के अनुसार 33 कोटि(प्रकार) देवताओं के द्योतक हैं उन तैंतीस देवताओं में 8 वसु 11 रुद्र और 12 आदित्य 1 प्रजापति तथा 1 वषट्कार हैं। इन तैंतीस कोटि देवताओं की सम्पूर्ण शक्तियाँ महामृत्युंजय…

श्रेष्ठ ऊर्जा का स्रोत स्वास्तिक चिन्ह

स्वास्तिक चिन्ह 🕉️ ____ स्वास्तिक भगवान श्री गणेश जी का चिह्न माना गया है। वैदिक काल से स्वास्तिक एक ऐसा जिन्ह है जो श्रेष्ठ ऊर्जा का केंद्र बिंदु है। जितने भी धर्म संप्रदाय है सभी धर्मों व संप्रदायों के सभी चिन्हों में स्वास्तिक चिन्ह…

भारत के पश्चिम छोर पर समुद्रतट पर अवस्थित भगवान भोलेनाथ का पहला ज्योतिर्लिंग! पहला क्यों?

सोमनाथ! भारत के पश्चिम छोर पर समुद्रतट पर अवस्थित भगवान भोलेनाथ का पहला ज्योतिर्लिंग! पहला क्यों? तो उत्तर है कि भगवान शिव ने यहीं सर्वप्रथम सोम अर्थात चंद्रमा को अपना ज्योति स्वरूप प्रदान किया था। भगवान शिव द्वारा अपना स्वरूप विग्रह किसी…

हरद्वार जिसे हरिद्वार के नाम से भी जाना जाता है, आईये !विस्तार से जानते हैं हरिद्वार के बारे में

हरद्वार जिसे हरिद्वार के नाम से भी जाना जाता है। इसकी महिमा अनन्त है, जिसे शास्त्रो अथवा पुराणों में बहुत गाया और बताया गया है लेकिन ये महिमा क्यों है? इसके कारण क्या हैं? १. हरद्वार को सर्वप्रथम हर का द्वार कहा जाता है क्योंकि हरद्वार…

कहानी बड़ी सुहानी

यह एक मनोवैज्ञानिक सत्य है कि जैसा भाव हमारे मन मेे होता है वैसा ही भाव सामने वाले के मन में आता है। इस सबंध में एक ऐतिहासिक घटना सुनी जाती है जो इस प्रकार है-

प्रसन्नता का गुब्बारा

एक समय एक आश्रम में एक गुरू के सैकड़ों शिष्य एकत्रित हुए। वे वहाँ अपने गुरू की एक झलक पाने, उनके ज्ञानपूर्ण वचन को सुनने और ध्यान आदि सीखने के लिए एकत्रित हुए थे।