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विश्लेषण

लॉरेंस बिश्नोई की खालिस्तानी आतंकियों से गठजोड़ का पर्दाफाश: NIA

"डरा कर लोगों को वो जीता है जिसकी हड्डियों में पानी भरा होता है। मर्द बनने का इतना शौक है, तो कुत्तों का सहारा लेना छोड़ दे कातिया।" फिल्म घातक में सन्नी देओल का यह डायलॉग लॉरेंस बिश्नोई आदि पर फिट बैठता है.क्योंकि ये ही तो लोगों को डरा कर…

धारण करना ही धर्म है, जो सनातन का सार है !

प्रस्तुति -कुमार राकेश एक राजा ने घोषणा की कि जो धर्म श्रेष्ठ होगा, मैं उसे स्वीकार करूँगा और आगे बढ़ाने में मदद दूँगा. अब तो उसके पास अपने धर्म की श्रेष्ठता का गुण गाते एकसेएक विद्वान् आने लगे, जो दूसरे धर्मों का दोष गिनाते और…

मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन

मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन मंहगे विदेशी साफ्टवेयर से चुनावी सर्वे! मप्र में शासन प्रशासन पूरी तरह चुनावी मोड पर आ चुका है। राज्य सरकार के एक खास विभाग को सरकार की ओर से चुनावी सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खबर आ रही है कि…

डॉक्टर हेडगेवार जी का हिंदुत्व..!

- प्रशांत पोळ किसी व्यक्ति के कार्य का मूल्यांकन करना है, या उस व्यक्ति ने किये हुए कार्य का यश - अपयश देखना हैं, तो उस व्यक्ति के पश्चात, उसके कार्य की स्थिती क्या है, यह देखना उचित रहता हैं. उदाहरण हैं - छत्रपती शिवाजी महाराज. मात्र पचास…

कमिश्नर संजय अरोरा दलाल पत्रकारों से बच के रहे. बौखलाए दलाल पत्रकार .

चोर की दाढ़ी में तिनका यह कहावत, दिल्ली के कुछ दलाल/दरबारी क्राइम रिपोर्टरों/ पत्रकारों पर लागू होती है. मैंने हाल ही में अपना एक लेख साझा किया.

भाजपा के कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों पर लटक रही है तलवार

’शाख से टूटे पत्तों ने पलकें उठा आंधियों से कहा शुक्रिया तुम न होते तो कैसे अपने खून से करते इस जमीं को ऊर्वरा’ 24 की चुनावी टंकार शनैः शनैः चहुंओर दिगंत में सियासी झंकार पैदा करने लगी है, अभी-अभी हरियाणा के समालखा में संघ की अहम…

आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक में पीएम मोदी की स्व.माताजी, मुलायम सिंह यादव समेत 100 दिवगंत व्यक्तियों…

विगत 14 मार्च को हरियाणा स्थित समालखा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय बैठक संपन्न हुई। यूं तो इससे संबंधित कई विषय सार्वजनिक विमर्श में रहे।

दैनिक अमृत दर्शन में मेरा लोकप्रिय साप्ताहिक स्तम्भ ‘नारद संहिता’

मध्यप्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव कैसे जीता जाए, इस पर संघ-भाजपा में रात-दिन होमवर्क हो रहा है। संघ-भाजपा ने हाल ही में तीन सवालों को लेकर प्रदेश में अलग-अलग सर्वे कराया।

पुष्पेंद्र पाल के बाद अब दिलीप ठाकुर भी

उफ़ ! यह कैसी होड़ है ? सब इतनी जल्दी में हैं जाने के लिए । कोई नहीं रुक रहा है । पिछले बरस कमल दीक्षित, राजकुमार केसवानी ,शिव अनुराग पटेरिया,प्रभु जोशी और महेंद्र गगन से जो सिलसिला शुरू हुआ ,तो शरद दत्त, राजुरकर राज,पुष्पेंद्र पाल सिंह और…