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विश्लेषण

राष्ट्रप्रथम- बछिया का खूंटा, जिस पर कूदे बछिया

पार्थसारथि थपलियाल कल 10 जून शुक्रवार देश के अनेक भागों में दोपहर की नमाज के बाद नमाजी सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे। इन प्रदर्शनों का कोई घोषित नेता नही था। यह विचारणीय है कि जिस प्रदर्शन का कोई नेता न हो तो वह अचानक कैसे…

राष्ट्रप्रथम- चोर नही चोर की माँ को पकड़ें

पार्थसारथि थपलियाल भारत मे अधिकतर लोगों को यह ज्ञान नही कि बताने, बोलने, कहने, चिल्लाने और भौंकने में शब्दों का ही अंतर नही बल्कि क्रिया का भी अंतर है, भावना और संस्कृति का भी अंतर है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (1) में वर्णित…

राष्ट्रप्रथम- पंजाब के आब को दूषित करते कड़वे बोल

पार्थसारथि थपलियाल भारत के सच्चे राष्ट्रीय नेता की पार्टी जबसे पंजाब में सरकार बनाई है, तब से ऐसे ऐसे गुल खिला रही है जिसकी कभी उम्मीद भी नही की गई होगी। इस देश मे कई लोगों ने फोर्ड फाउंडेशन की आर्थिक मदद से कई तरह के फ़्रॉड किये,…

यादों के झरोखे से- ख्वाबों और खयालों से बनी तेरी तस्वीर

पार्थसारथि थपलियाल मेरे एक मित्र ने आज कल व्हाट्सएप पर लिखा- तस्वीर। मुझे नही मालूम कि वे मुझे क्या याद दिलाना चाहते थे, इतना मुझे याद था कि वे मेरे शब्द संदर्भ कॉलम के नियमित पाठक थे। तस्वीर शब्द पढ़ते ही मैं अचानक वर्ष 1992-93 की…

मिर्च-मसाला- रामपुर के आजम की निष्ठाएं किधर हैं?

त्रिदीब रमण  ’जब से पागल हवाओं ने हर छोटे-बड़े दीयों का काम तमाम किया है इस आदम के जंगल ने अपना कल इन जुगनुओं के नाम किया है’ सियासत की सीरत ही कुछ ऐसी है कि यहां असल वफादारी भी नैतिक दीवालियापन के अंतःपुर में बेशर्मी से पसरी…

संस्कृति- तार तार होती संबंधों की मर्यादाओं की रिलेशनशिप

पार्थसारथि थपलियाल विभिन्न आकाशवाणी केंद्रों पर रेडियो ब्रॉडकास्टर के रूप में काम करते हुए अपनी सेवा के संध्या काल मे मेरा तबादला नागौर से दिल्ली हुआ। मैंने अपना कार्यभार प्रसारण भवन दिल्ली में (2011) संभाला। . लिव इन रिलेशन की सबसे…

चिंतन- संस्कृति का विकृत रूप

पार्थसारथि थपलियाल भारतीय चिंतन परंपरा में ईश्वर की उपस्थिति सर्वत्र मानी गई गई। ईशोपनिषद में कहा गया है कि "ईशावास्यमिदं सर्वं यदकिंचिदजगत्यां जगत" .. संसार की प्रत्येक वस्तु में ईश्वर का वास है। वैदिक संस्कृति में ईश्वर को ब्रह्म…

मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन

रवीन्द्र जैन भाजपा के परिवारवाद में कांग्रेस की घुसपैठ! मप्र में भाजपा ने परिवारवाद के खिलाफ जो मुहिम चलाई है कांग्रेस उसका फायदा उठाने आगे आ गई है। कांग्रेस ने अभी तक जिन तीन महापौर उम्मीदवारों के नाम तय किये, उन सभी का संबंध भाजपा…

राष्ट्रप्रथम- कश्मीर : सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है!

पार्थसारथि थपलियाल कश्मीर में जब भी कोई आतंकवादी घटना कारित होती है तो मीडिया से जानकारी मिलती है कि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। यह कभी नही सुना कि पहले से कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था को ढील कब दी गई? अगर सुरक्षा…

क्या हम हिंदी वाले खुश होना भी भूल गए हैं?

अजय बोकिल लगता है हम हिंदी वाले खुश होना भी भूल गए हैं। हिंदी कथाकार, उपन्यासकार गीतांजलि श्री के मूल हिंदी ‘रेत समाधि’ के अंग्रेजी में अनूदित उपन्यास ‘टूम ऑफ सेंड’ को मिले प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार की सुखद बयार भी आपसी तू- तू मैं-मैं,…