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विश्लेषण

विश्‍व तंबाकू निषेध दिवस: क्या पर्यावरण को हो रहा तंबाकू से नुकसान?

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 31मई। 1988 से हर 31 मई को विश्‍व तंबाकू निषेध दिवस’ मनाया जाता है इस बार इसकी थीम है– ‘पर्यावरण की रक्षा करें, क्या है तंबाकू से पर्यावरण को नुक़सान?? इससे मिट्टी का क्षरण होता है और फसलों को नुकसान होता है।…

संस्कृति- राम तेरी गंगा मैली हो गई

पार्थसारथि थपलियाल जब से चारधाम यात्रा शुरू हुई तब से ऋषिकेश से चारधाम तक चर्चाएं ही चर्चाएं। चर्चा उनकी तो है ही जिनकी होनी चाहिए, लेकिन उनकी भी है जिनकी नही होनी चाहिए। अब भला कुत्ते के किस पुरखे का पिंडदान ब्रह्मशिला पर करना था कि…

व्यंग-विनोद-  त्वाडा कुत्ता टॉमी, साडा कुत्ता कुत्ता

पार्थसारथि थपलियाल कुत्ते की जात, कुत्ते की योनी, कुत्ते की नाक, कुत्ते की तरह भौंकना, कुत्ते की मौत, धोबी का कुत्ता घर का न घाट का, कुत्ते की वफादारी जैसी कितनी ही लोकोक्तियां और कहावतें समाज मे व्याप्त हैं। पहले कुत्ते घरों की…

राजधर्म- प्रधानमंत्री पद की कोचिंग से फिसलता उम्मीदवार

पार्थसारथि थपलियाल सच कहूँ, मुझे राहुल गांधी से व्यक्तिगत रूप से कोई परेशानी नही है। होनी भी नही चाहिए। परेशानी तब हो जब हमारा साझा खेत हो या साझी दुकान हो। या साझा काम हो। लेकिन जब से यह ज्ञान बढ़ा कि राहुल गांधी कोंग्रेस के पी एम…

चिकन सैंडविच, राहुल और हार्दिक

त्रिदीब रमण  ’अगर तू मुझसे खफ़ा न होता, तेरे अफ़सानों में जिक्र मेरा न होता तेरे आइने में कैद मेरा भी एक चेहरा था, अगर यूं टूटा न होता’ आज की दौर की सियासत ने नायक और प्रतिनायक के महीन फासले को कम कर दिया है, नायक के चारण गान की…

नीतीश भाजपा की मजबूरी क्यों हैं?

त्रिदीब रमण ’कहां तो हौसला था कि आसमां से सूरज उतार लाएंगे तेरी जुल्फों में उलझे सावन से हम भी बहार लाएंगे पर नए दौर का यह मौसम नया है दोस्त मैं तुझमें हूं पर मुझमें तू कहां है’ भाजपा 2024 के आम चुनावों के लिए अभी से कमर कस चुकी…

कांग्रेस अब और नहीं, भारत के लिए भाजपा ही एक मात्र विकल्प..!!!

*कुमार राकेश भारत और कांग्रेस कभी एक दुसरे के पूरक थे,अब नहीं है और रहेंगे भी नहीं.ये समय की मांग है.समय की सोच है.समय की जरुरत है.समय तेजी से बदल रहा है.भारत भी बहुत तेजी से बदल रहा है.कई मामलो में भारत विश्व के कई विकसित देशो से…

राष्ट्रप्रथम- देशद्रोह या राजद्रोह – केवल राजगद्दी का मोह

पार्थसारथि थपलियाल भारतीय समाज में सास बहू के झगड़े बिल्कुल ऐसे ही रहे हैं जैसी आधुनिक राजनीति। अपना मौका मिलते ही परिभाषाएं भी बदल जाती हैं, आचरण भी बदल जाता है। यह उस धारणा के आलोक में है जिस धारणा में अंग्रेजों के शासन काल में 1870…

मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन

पूर्व सीबीआई डायरेक्टर ने लांच की ज्योतिष वेबसाइट देश के पूर्व सीबीआई डायरेक्टर आरके शुक्ला ने रिटायरमेंट के बाद शेष जीवन ज्योतिष के रहस्यों को खोजने और उसके सकारात्मक उपयोग में लगाने का निर्णय…

पहचानिए कौन है यह शख्स?

त्रिदीब रमण  ’न जाने कितनी आंखों में नश्तर सा चुभता है तू सज़रे-बहारा में क्या ईंट-पत्थर सा रहता है तू’ कहते हैं नाम में क्या रखा है, आज हम जिस शख्स की कहानी यहां बयां करने वाले हैं, एक समृद्ध विरासत की दावेदारी के बावजूद भगवा…