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विश्लेषण
मध्य प्रदेश डायरी -रवीन्द्र जैन
आईएएस के प्रेमी को लगी नजर!
इस महीने मप्र कैडर की आईएएस शैलबाला मार्टिन व वरिष्ठ पत्रकार राकेश पाठक की प्रेम कहानी जबरदस्त सुर्खियों में रही। देशभर के अखबारों और टीवी चैनलों ने इस खबर को कुछ…
मध्य प्रदेश डायरी : रवीन्द्र जैन
एफआईआर से आईएएस का नाम कैसे हटा
मप्र के पूर्व मुख्य सचिव एम गोपाल रेड्डी ईओडब्ल्यु की एफआईआर में फिर बच गये। जल संसाधन विभाग के ठेकेदारों को 877 करोड़ के एडवांस पेमेंट में जिन इंजीनियरों के…
क्या वसुंधरा पर डोरे डाल रही है आप?
’हम तो कड़ी धूप में तेरी ओर नंगे पांव चले
चले तुम भी पर संभल कर छांव-छांव चले’
राजस्थान की प्रखर भगवा नेत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का विद्रोह पिछले काफी समय से आकार ले रहा है, इस बात की…
स्वतंत्र देव और असीम अरूण क्यों नहीं बन पाए डिप्टी सीएम
त्रिदीब रमण।
’तेरी रहबरी पर अब भी है इतना यकीं मुझको
सरे राह लूटा गया हूं, पर तू मेरा खुदा है’
उत्तर प्रदेश में इस बार भगवा आंगन में संतुलन, सामंजस्य और परस्पर त्याग की राजनीति देखने को मिल रही है। यूपी में योगी विरोधी…
मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन
मंत्री मेहरबान तो एसपी पहलवान
ग्वालियर संभाग के एक जिले के पुलिस कप्तान को जिले के मंत्री ने शायद लूट का लायसेंस दे दिया है। कप्तान साहब ने थाने नीलाम कर रखे हैं। वसूली के लिये थाना…
क्या गांधी परिवार का रुतबा कम हुआ है?
’हमारे हौसले कम न थे, रगों में दौड़ते खून में भी रफ्तार थी
भले कितनी ही कुंद हमारे तलवारों की धार थी
दुश्मन था सामने और दिख रही हमारी हार थी
सेनापति, हम न छोड़ते रणभूमि, सुनाई देती जो तेरी…
मध्य प्रदेश डायरी: रवींद्र जैन
सारे अफसर बच गये
राजधानी भोपाल में एक ऐसी काॅलोनी है जहां प्रदेश के वरिष्ठ अफसरों के अवैध बंगले बने हैं। अवैध इसलिये कि नगर निगम से मिली अनुमति से कई गुना निर्माण कर लिया गया है। इस काॅलोनी के…
भाजपा में मिल सकते हैं कई दल
त्रिदीब रमण
‘सवालों के झुरमुठ हैं, अनिश्चय की धुंध है
जहां सत्य नहीं उगते, ये उन आत्माओं की ठूंठ है
जब से तेरी अंतरात्मा उनकी हुई है गला अवरुद्ध है
भले राह कितनी भी मुश्किल है, चलना जरूर है’
इस बदलते मौसम में जैसे पीली धूप ने भी…
आरंभ हैं प्रचंड….
- प्रशांत पोळ
यह राष्ट्रवाद की जीत हैं. एक नया विमर्श गढ़ने जा रहा हैं. आज तक जिस सच को राजनेताओं और मीडिया ने छिपा के रखा था, उसे विवेक अग्निहोत्री जी ने ‘द कश्मीर फाईल्स’ के माध्यम से अत्यंत प्रभावी तरीके से सामने लाया हैं.
‘कश्मीर…
यूक्रेन पर रूसी हमला और भारत की द्विविधा
त्रिदीब रमण
‘वक्त की चुनौतियां भीमकाय हैं
और हमारे हौंसले रेत पर रेंगती चीटियों से
हर तरफ शोर बेशुमार है
और हमारी आत्मा गूंगी ऋचाओं सी
कुछ बदलना है तो अपने नपुंसक विचारों को बदलो
क्रांति कब बिकती है किसी बनिए की दुकान पर’
नेहरू…