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व्यक्तित्व

फूड फॉर ऑल और शमीम अहमद

दुनिया ने ऐसे कम ही लोगों को देखा होगा जो हिंदू और मुसलमानों में समान रूप से लोकप्रिय हैं और बिना भेदभाव के उनके लिए काम करते हैं, शमीम अहमद ऐसे ही लोगों में से एक हैं।

SC के जस्टिस जोसेफ के नाम खुला खत: ब्राह्मणों के नरसंहार की बात पर मुस्कुराना बंद कर देंगे… इसी…

मुझे उम्मीद है कि आपको इस खुले पत्र को पढ़ने का समय मिल गया होगा, क्योंकि अब काफी समय बीत चुका है। मुझे उम्मीद है कि आप ब्राह्मणों के नरसंहार के आह्वान के अपने आनंद से उबर चुके होंगे।

उर्दू नहीं हिंदी बोलिये भाई साहेब , आप भारत में हैं !

प्रस्तुति -कुमार राकेश ये वो उर्दू के शब्द जो आप प्रतिदिन प्रयोग करते हैं, इन शब्दों को त्याग कर मातृभाषा का प्रयोग करें! असीम आनंद की प्राप्ति होगी उर्दू हिंदी 01 ईमानदार - निष्ठावान 02 इंतजार - प्रतीक्षा 03 इत्तेफाक - संयोग 04…

*मां के 108 नाम और उनके अर्थ-:

प्रस्तुति —सरोज कुमारी 1. सती-अग्नि में जल कर भी जीवित होने वाली 2. साध्वी-आशावादी 3. भवप्रीता-भगवान शिव पर प्रीति रखने वाली 4. भवानी-ब्रह्मांड में निवास करने वाली 5. भवमोचनी-संसारिक बंधनों से मुक्त करने वाली 6. आर्या-देवी 7.…

लॉरेंस बिश्नोई की खालिस्तानी आतंकियों से गठजोड़ का पर्दाफाश: NIA

"डरा कर लोगों को वो जीता है जिसकी हड्डियों में पानी भरा होता है। मर्द बनने का इतना शौक है, तो कुत्तों का सहारा लेना छोड़ दे कातिया।" फिल्म घातक में सन्नी देओल का यह डायलॉग लॉरेंस बिश्नोई आदि पर फिट बैठता है.क्योंकि ये ही तो लोगों को डरा कर…

डॉक्टर हेडगेवार जी का हिंदुत्व..!

- प्रशांत पोळ किसी व्यक्ति के कार्य का मूल्यांकन करना है, या उस व्यक्ति ने किये हुए कार्य का यश - अपयश देखना हैं, तो उस व्यक्ति के पश्चात, उसके कार्य की स्थिती क्या है, यह देखना उचित रहता हैं. उदाहरण हैं - छत्रपती शिवाजी महाराज. मात्र पचास…

कमिश्नर संजय अरोरा दलाल पत्रकारों से बच के रहे. बौखलाए दलाल पत्रकार .

चोर की दाढ़ी में तिनका यह कहावत, दिल्ली के कुछ दलाल/दरबारी क्राइम रिपोर्टरों/ पत्रकारों पर लागू होती है. मैंने हाल ही में अपना एक लेख साझा किया.

आखिर कौन है डाक्टर इक़बाल दुर्रानी, जिनके कार्यक्रम को RSS प्रमुख कर रहें हैं प्रोमोट ???

आखिर कौन है डाक्टर इक़बाल दुर्रानी जिनके कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयं संघ के मोहन भागवत स्वयं प्रोमोट कर रहें है। दोनों लालकिले पर मंच साझा करने वाले है।

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा: नहीं रहे प्रख्यात पत्रकार वेद प्रताप वैदिक

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा। पवन कुमार बंसल। प्रख्यात पत्रकार वेद प्रताप वैदिक नहीं रहे - अंतिम समय तक अख़बार पढने और लेखन में व्यस्त रहे। इस संसार में जो आया है उसे एक दिन अवश्य जाना है। लेकिन किसे हँसते -खेलते जिंदादिल इंसान का अचानक चले जाना…