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समाज

आईएफएफआई-53 बचपन के सपनों और गतिशील शक्तियों को प्रदर्शित करेगा

अमेरिका के मशहूर लेखक जेस लैयर ने कहा है कि बच्चे कोई ऐसी चीज नहीं हैं, जिसे ढाला जा सके, बल्कि लोगों को खुद को उजागर करना है। भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) का 53वां संस्करण बचपन और उसके सामाजिक-आर्थिक संदर्भों को आकार देने…

तेजप्रताप की जगह डिंपल क्यों उतरीं मैदान में?

त्रिदीब रमण। ’घर-घर में आज भी चल रही राम कथा है विभीषण जिंदा है, सीता की वही पुरानी व्यथा है’ यादव परिवार की इस चिंता ने कि ‘घर का भेदी अगर लंका ढाह सकता है’ तो फिर मैनपुरी का उप चुनाव किस खेत की मूली है, इस ख्याल ने अखिलेश को सपा…

41वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में राजस्थान के लोक कलाकारों ने मचाई धुम

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 21नवंबर। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला के में एम्फी थियेटर पर राजस्थान के लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने ऐसा समा बांधा कि दर्शक मंत्रा मुग्ध हो गये।…

अब और नहीं, श्रद्धा……उनका श्राद्ध होगा ……

*कुमार राकेश ———————- ज़रा सोचिए - श्रद्धा कौन थी? क्यों मारी गयी? कौन ज़िम्मेदार ? मेरा मानना है , श्रद्धा की मौत के लिए , हम सब है ज़िम्मेदार , हम हिंदू , हमारा लचर , मुस्लिम परस्त क़ानून व हमारा ढुल-मूल संविधान- देखिए सब लोग…

“तमिल की इस विरासत को सहेजने और इसे समृद्ध करने की 130 करोड़ भारतीयों की जिम्मेदारी…

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक महीने तक चलने वाले कार्यक्रम 'काशी तमिल संगमम्' का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के दो सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन शिक्षा केंद्रों, तमिलनाडु और काशी के बीच…

युवा सामर्थ्य और प्रतिभा के स्वर्णिम प्रतिनिधि हैं और युवा ही समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते…

माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ जी ने आज राजस्थान के खेतड़ी (झुंझनू) में विवेकानंद संदेश यात्रा राजस्थान का शुभारंभ किया। 7 जनवरी 2023 तक चलने वाली यह यात्रा स्वामी विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, राजस्थान प्रांत तथा भारत सरकार के…

सभी देश युवाओं को रेडिकलाइज करने वाली संस्थाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करें- अमित शाह

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में तीसरे "नो मनी फॉर टेरर" मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (काउंटर-टेररिज्म फाइनेंसिंग) के समापन सत्र को संबोधित किया।

19 नवम्बर जन्म-दिवस- खूब लड़ी मर्दानी वह तो रानी लक्ष्मीबाई थी

भारत में अंग्रेजी सत्ता के आने के साथ ही गाँव-गाँव में उनके विरुद्ध विद्रोह होने लगा; पर व्यक्तिगत या बहुत छोटे स्तर पर होने के कारण इन संघर्षों को सफलता नहीं मिली। अंग्रेजों के विरुद्ध पहला संगठित संग्राम 1857 में हुआ। इसमें जिन वीरों ने…